यूरोप में भीषण गर्मी: फ्रांस में शवगृहों की भरमार और बढ़ती मौतों की चिंता
गर्मी की चपेट में यूरोप
नई दिल्ली: यूरोप इस समय अत्यधिक गर्मी का सामना कर रहा है, जिसका सबसे बुरा असर फ्रांस में देखा जा रहा है। तापमान में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण मौतों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पेरिस सहित कई शहरों के शवगृह और अंतिम संस्कार केंद्र अपनी क्षमता से अधिक भर चुके हैं, जिससे कई परिवारों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
शवगृहों में कमी
फ्रांस के राष्ट्रीय अंतिम संस्कार संगठन के अनुसार, सामान्य दिनों में अंतिम संस्कार केंद्रों की क्षमता का 30 से 45 प्रतिशत ही उपयोग होता है, लेकिन वर्तमान में यह आंकड़ा 66 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है। पेरिस के कई प्रमुख शवगृह पूरी तरह से भरे हुए हैं, जिसके कारण लोगों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और भी प्रभावित हो सकती है। शवदाह के लिए समय मिलने में देरी हो सकती है और कब्रिस्तानों में दफनाने के लिए भी लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है।
बढ़ती मौतों की चिंता
फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह से शुरू हुई रिकॉर्ड गर्मी के बाद से मौतों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। पिछले वर्षों की तुलना में इस अवधि में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें हुई हैं, जिनमें से करीब 85 प्रतिशत मृतक 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे, जो अत्यधिक गर्मी के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।
स्कूल और पर्यटन स्थल बंद
गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए फ्रांस सरकार लगातार हालात की समीक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री ने हीटवेव से निपटने के लिए उच्च स्तरीय बैठक भी की है। अत्यधिक तापमान के कारण कई स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जबकि कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लगातार बढ़ती और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत है। उनका कहना है कि यदि वैश्विक तापमान में वृद्धि की गति नहीं रुकी, तो भविष्य में यूरोप समेत कई देशों को ऐसे गंभीर संकटों का सामना बार-बार करना पड़ सकता है।