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यूरोप में भीषण गर्मी से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और मौतों में वृद्धि

यूरोप के कई हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं, जिससे तापमान के रिकॉर्ड टूट रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इस गर्मी के कारण कई लोगों की जान गई है, स्कूल बंद करने पड़े हैं, और पानी की किल्लत हो रही है। फ्रांस, यूके और स्पेन जैसे देशों में स्थिति गंभीर है, जहां गर्मी से जुड़ी मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है। जानें इस गर्मी के पीछे के कारण और इसके प्रभावों के बारे में।
 

यूरोप में गर्मी का कहर

यूरोप के कई हिस्से इस समय अत्यधिक गर्मी का सामना कर रहे हैं, जिससे तापमान के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। इस स्थिति ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव डाला है और दैनिक जीवन में बाधाएं उत्पन्न की हैं। इस गर्मी के कारण कई लोगों की जान गई है, स्कूलों को बंद करना पड़ा है, पानी की कमी हो रही है, और बुनियादी सुविधाओं में रुकावटें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग तेज धूप में पैन पर अंडे और बेकन पकाते नजर आ रहे हैं। हालिया हीटवेव के दौरान कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया, और रात में भी राहत नहीं मिली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 21 जून के बाद से यूरोप में 1,300 से अधिक अतिरिक्त मौतें हुई हैं। WHO के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने चेतावनी दी है कि "यूरोप सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है, जो वैश्विक औसत से दोगुनी गति से गर्म हो रहा है।"


फ्रांस में गर्मी का प्रभाव

फ्रांस भी इस गर्मी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मई में असामान्य रूप से उच्च तापमान के पांच दिनों के बाद, जून में 11 दिनों की रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव आई, जिसमें कम से कम 1,000 लोगों की जान गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। हालांकि तापमान अब कुछ कम हुआ है, लेकिन फ्रांस के अधिकांश हिस्सों में यह अभी भी 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'मेटियो-फ्रांस' ने बताया है कि सप्ताहांत में तापमान फिर से बढ़ने की संभावना है।


यूके में तापमान में कमी

यूके में पिछले हफ्ते रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद तापमान में कुछ कमी आई है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जल्द ही एक और गर्मी का दौर आ सकता है। नॉरफ़ॉक के लिंगवुड में जून में 37.7 डिग्री सेल्सियस का अनंतिम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जिसने 1957 से कायम 35.6 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।


गर्मी का कारण

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस लंबे समय तक चलने वाली गर्मी का संबंध 'ओमेगा ब्लॉक' मौसम पैटर्न से है। यह तब बनता है जब एक उच्च दबाव वाला क्षेत्र दो निम्न दबाव वाले सिस्टम के बीच फंस जाता है। इस स्थिति में आसमान साफ और सूखा रहता है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।


स्पेन में गर्मी से मौतों की संख्या

कार्लोस III हेल्थ इंस्टीट्यूट के अनुसार, हाल की हीटवेव के दौरान स्पेन में गर्मी से जुड़ी कम से कम 1,028 मौतें हुईं। यह आंकड़ा जून 2025 में गर्मी से जुड़ी 407 मौतों से दोगुने से अधिक है। जून 2025 का महीना स्पेन का सबसे गर्म जून रहा था।