यूरोप में रूस के हमले की आशंका: सुरक्षा तैयारियों में तेजी
यूरोप में सुरक्षा अलर्ट
यूरोप के विभिन्न देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पोलैंड से लेकर फ्रांस तक, रूस के संभावित हमले का डर सताने लगा है। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष के चलते यह आशंका और भी गहरी हो गई है। नाटो क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि ने छोटे संघर्ष की संभावना को बढ़ा दिया है। ब्रिटेन सहित कई देशों ने नागरिक सुरक्षा उपायों को तेज कर दिया है। हालांकि, रूस ने सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि उसका यूरोप पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है।
चेक गणराज्य की चेतावनी
चेक गणराज्य की बीआईएस सुरक्षा सेवा के प्रमुख माइकल कौडेल्का ने कहा है कि रूस नाटो क्षेत्र पर छोटे पैमाने पर आक्रमण कर सकता है। उनका मानना है कि संभावित हमले की समयसीमा वर्षों की बजाय महीनों में हो सकती है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भी इसी तरह की चेतावनी दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस आने वाले महीनों में ड्रोन या मिसाइलों से हमला कर सकता है।
फ्रांस की सुरक्षा तैयारियां
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी सुरक्षा तैयारियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने टस्क के बयान का समर्थन करते हुए इसे प्रमाणित किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फ्रांस को भी रूस के हमले की आशंका है।
पोलैंड की स्थिति
पोलैंड पर हमले का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इसी कारण, पोलैंड ने यूरोपीय सहयोगियों और यूक्रेन के साथ मिलकर एक एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल गठबंधन बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, यूक्रेन और बेलारूस की सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाई जा रही है। अमेरिका ने भी पोलैंड में एक सैन्य बेस स्थापित करने की घोषणा की है।
जर्मनी की तैयारियां
लिथुआनिया ने युद्ध जैसी स्थिति में अपने नागरिकों को निकालने की योजना को अपडेट किया है। वहीं, जर्मनी अपने अस्पतालों को संकट से निपटने के लिए तैयार कर रहा है। नाटो सैन्य अभ्यास भी जारी है, और जर्मनी ने स्वीडन के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है।
ब्रिटेन में दहशत
रूस ने हाल ही में ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि यदि यूक्रेन में मौजूद किसी भी ब्रिटिश सैन्य सुविधा का उपयोग रूस पर हमले के लिए किया गया, तो उसे वैध लक्ष्य माना जाएगा। ब्रिटेन की सरकार ने नागरिकों से आपात स्थिति के लिए आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक करने की अपील की है।
हाइब्रिड हमलों का खतरा
यूरोपीय देशों ने रूस पर हाइब्रिड हमलों का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अगस्त के बीच रूस ने 100 से अधिक हाइब्रिड घटनाओं को अंजाम दिया। हाल ही में, एक डेनिश सैन्य हेलीकॉप्टर पर रूसी युद्धपोत ने फ्लेयर्स दागे थे।
सीआईए चीफ की मॉस्को यात्रा
बाल्टिक देशों पर रूस के हमले की आशंका को लेकर नाटो भी सतर्क है। पिछले महीने, सीआईए के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ की अचानक मॉस्को यात्रा ने सबको चौंका दिया। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, उन्होंने बाल्टिक देशों पर हमले न करने की चेतावनी दी।
पुतिन की रणनीति
एक अमेरिकी अखबार ने रिपोर्ट किया है कि पुतिन नाटो के सदस्य देशों पर सीमित हमले कर सकते हैं, जिससे नाटो के आर्टिकल-5 की परीक्षा ली जा सके। ये हमले जमीनी घुसपैठ या साइबर अटैक के रूप में हो सकते हैं।
यूरोपीय देशों से रूस की नाराजगी
रूस यूरोपीय देशों से नाराज है क्योंकि वे यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं। यूरोपीय देशों की मदद से, यूक्रेन रूस के अंदर तक हमले कर रहा है, जिससे रूस की राजधानी मॉस्को भी खतरे में है।