रावलकोट में कर्फ्यू जैसे हालात, प्रदर्शन जारी: JKJAAC का दावा
जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAAC) ने रावलकोट में पिछले 11 दिनों से कर्फ्यू जैसे हालात की जानकारी दी है। पूरे पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में शटडाउन और चक्का-जाम हड़ताल चल रही है। स्थानीय लोग शांतिपूर्ण धरनों में भाग ले रहे हैं, जबकि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके बावजूद, जनता का मनोबल मजबूत बना हुआ है और आंदोलन जारी है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
Jun 18, 2026, 17:14 IST
रावलकोट में कर्फ्यू जैसी स्थिति
जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAAC) ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलकोट शहर में पिछले 11 दिनों से "कर्फ्यू जैसे हालात" बने हुए हैं। पूरे PoJK में लगातार 10 दिनों से शटडाउन और चक्का-जाम हड़ताल चल रही है। JKJAAC ने एक पोस्ट में बताया कि रावलकोट के चारों ओर शांतिपूर्ण धरने जारी हैं, और स्थानीय लोग बढ़ती पाबंदियों के बावजूद इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। समूह ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने नीलम घाटी से आ रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद, धरना-प्रदर्शन जारी है।
पाबंदियों का असर
समिति के अनुसार, अधिकारियों ने सोनू क्षेत्र में भी पाबंदियां लगाई हैं, जहां पंजाब पुलिस ने रात में नाकेबंदी की थी। प्रदर्शन के आयोजकों का कहना है कि यात्रियों को इस क्षेत्र में दवाएं, खाने-पीने का सामान और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाने से रोका गया। रिपोर्टों के अनुसार, कई वाहनों को रोका गया और राहत सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। हड़ताल के कारण बाजार बंद हैं, सड़कें अवरुद्ध हैं, और क्षेत्र के कई हिस्सों में जन आवागमन पर गंभीर प्रतिबंध हैं।
जनता का मनोबल
इन कठिनाइयों के बावजूद, JKJAAC ने कहा है कि जनता का मनोबल मजबूत बना हुआ है और विरोध आंदोलन के लिए समर्थन में कमी नहीं आई है। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे गिरफ्तारी और दबाव बनाने की रणनीतियों के माध्यम से जनता की मांगों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। JKJAAC ने यह भी कहा कि आंदोलन तब तक शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा जब तक लोगों के बुनियादी अधिकार सुरक्षित नहीं हो जाते।