रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमले ने दुनिया को झकझोर दिया: 12 मृतक और 300 घायल
सऊदी अरब में भयावह हमला
नई दिल्ली: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हूती हमलों ने वैश्विक समुदाय को हिला कर रख दिया है। इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके बाद भारत, अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान सहित कई देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि रियाद में हाल के दिनों में लगातार हो रहे हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोकने की आवश्यकता है। भारत ने सऊदी अरब की सरकार और उसके लोगों के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की है।
डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सऊदी अरब की प्रतिक्रिया में शामिल होने पर विचार कर रहा है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि मारे गए लोगों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है और अमेरिका इस कठिन समय में सऊदी अरब के साथ खड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि नागरिकों और एयरपोर्ट जैसे बुनियादी ढांचे पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। यमन में UN के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया और कहा कि इससे शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचेगा।
कनाडा, कतर और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस हमले को वीभत्स बताते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना किसी भी तरह से उचित नहीं है। कतर ने इसे सऊदी अरब की संप्रभुता पर हमला करार दिया और कहा कि सऊदी की सुरक्षा पूरे GCC की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस हमले की निंदा की और मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का हवाला देते हुए सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। फिलिस्तीन और मिस्र ने भी सऊदी अरब के प्रति संवेदना और समर्थन व्यक्त किया है।