रियाद एयरपोर्ट पर हूथी मिसाइल हमले में 13 की मौत, 300 से अधिक घायल
रियाद एयरपोर्ट पर हुआ भयानक हमला
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरे ने एक भयावह हूथी मिसाइल हमले का दृश्य कैद किया है। इस हमले में 13 लोगों की जान चली गई और 300 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सऊदी अधिकारियों ने इस हमले के लिए यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। फुटेज में उस क्षण को देखा जा सकता है जब यह हमला एयरपोर्ट क्षेत्र में हुआ। यह घटना ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में हवाई यात्रा से जुड़ी सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को फिर से उजागर करती है। हमले का केंद्र टर्मिनल 3 और 4 का कॉम्प्लेक्स था, जहां से घरेलू उड़ानें संचालित होती हैं।
हमले के परिणाम
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ़ सिविल एविएशन ने पुष्टि की है कि 10 अक्टूबर को हुए इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर है। पीड़ितों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
एयरपोर्ट का संचालन प्रभावित
हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन रोक दिया गया है, क्योंकि अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सुरक्षा की जांच कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं और उड़ानों को अन्य स्थानों पर भेजा गया है। सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने रियाद और अन्य सऊदी एयरपोर्ट्स के लिए अपनी सेवाओं को निलंबित या परिवर्तित कर दिया है।
हूतियों की चेतावनी
हूतियों ने पहले ही एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि वे सऊदी एयरस्पेस में उड़ान न भरें। इस ताजा हमले ने आम लोगों के लिए हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि क्षेत्र में लड़ाई तेज हो रही है।
अमेरिका की संभावित भागीदारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अमेरिका को हूथियों के खिलाफ सऊदी हमलों में शामिल होना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
सुरक्षा का बढ़ता दबाव
सऊदी एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और तेल संरचनाओं पर लगातार हो रहे हमलों ने देश पर अपनी एयर डिफेंस क्षमताओं को मजबूत करने का दबाव बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने पहले कहा था कि सऊदी अरब के पास मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी है और उसने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से मदद मांगी है।
आगे की चुनौतियाँ
यह ताजा हमला क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाता है, जिसमें आम लोगों के लिए हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
वीडियो फुटेज
एयरपोर्ट पर हमले का CCTV फुटेज देखें: