☰
×

रियाद हवाई अड्डे पर फिर से हमला: 12 की मौत, अमेरिका की प्रतिक्रिया

सऊदी अरब की राजधानी रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हाल ही में एक हमले का शिकार हुआ, जिसमें 12 लोगों की जान गई और 309 घायल हुए। यमन के हूथी विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिका ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सैन्य कार्रवाई पर विचार करने की बात कही है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रियाद में महत्वपूर्ण सम्मेलनों का आयोजन होना है। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और अमेरिका की संभावित प्रतिक्रिया के बारे में।
 

रियाद हवाई अड्डे पर ताजा हमला


नई दिल्ली: सऊदी अरब की राजधानी रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक बार फिर से हमले का शिकार हुआ है। यह घटना एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार हुई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 12 लोगों की जान गई और 309 अन्य घायल हुए हैं। यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। घटना के बाद हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और रियाद आने वाली उड़ानों का मार्ग बदल दिया गया।


मृतकों और घायलों की जानकारी

सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, मृतकों में चार सऊदी नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान तथा मिस्र के एक-एक नागरिक शामिल हैं। घायलों को एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद हवाई अड्डे के अंदर अफरा-तफरी मच गई और कई घायल यात्री जमीन पर पड़े हुए थे।


हमले का प्रभाव और उड़ानें

इस ताजा हमले से पहले भी किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया था, जिसमें चार लोगों की जान गई थी और एक सऊदी यात्री विमान को गंभीर नुकसान पहुंचा था। अधिकारियों ने बताया कि इस बार हमले से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई थी। शनिवार को हमले के बाद हवाई अड्डे का संचालन कुछ समय के लिए रोक दिया गया और रियाद आने वाली उड़ानों को दूसरे मार्गों पर भेजा गया या रद्द कर दिया गया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, हवाई अड्डे की ओर जाने वाली उड़ानों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।


अमेरिका की प्रतिक्रिया

हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बेहद गंभीर बताया और कहा कि अमेरिका हूथी विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि प्रशासन को हालिया हमले की जानकारी मिली है और जल्द निर्णय लिया जा सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस हमले की निंदा की और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान के प्रति गंभीर लापरवाही सामने आती है।


यमन में संघर्ष की स्थिति

यमन में हूथी विद्रोहियों और सरकार के बीच संघर्ष लंबे समय से जारी है। सऊदी अरब ने 2015 में यमन सरकार के समर्थन में सैन्य अभियान शुरू किया था। 2022 में हुए समझौते के बाद लड़ाई काफी हद तक थम गई थी, लेकिन हाल के महीनों में तनाव फिर से बढ़ गया है। यमन सरकार ने हाल ही में हूथियों के खिलाफ नया अभियान शुरू किया है, जिसके जवाब में विद्रोहियों ने सऊदी हवाई क्षेत्र को सैन्य अभियान वाला क्षेत्र घोषित किया है।


सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

लगातार हो रहे हमलों के कारण रियाद में हवाई यात्रा प्रभावित हुई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी राजधानी में ऊर्जा और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण सम्मेलनों का आयोजन होना है। हालांकि, सम्मेलन के आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम तय योजना के अनुसार जारी रहेंगे। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सऊदी अरब इन हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को कैसे मजबूत करता है और अमेरिका इस मामले में क्या कदम उठाता है।