रूस और ईरान के बीच खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान, अमेरिका की सैन्य संपत्तियों पर खतरा
भीषण युद्ध का नया मोड़
पश्चिम एशिया में चल रहे गंभीर संघर्ष ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, रूस अब ईरान के साथ अमेरिकी सैन्य संपत्तियों की संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा है। इस सहयोग से ईरान को क्षेत्र में अमेरिकी जंगी जहाजों, विमानों और अन्य सामरिक ठिकानों को निशाना बनाने में सहायता मिल सकती है।
रूस की सक्रियता
एक रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद से रूस ने अपनी गतिविधियों में तेजी लाई है। इस ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की गई थी।
टारगेट लिस्ट
रूस ने ईरान को फारस की खाड़ी में अमेरिकी जंगी जहाजों और विमानों की सटीक स्थिति प्रदान की है।
रणनीतिक बदला
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध में अमेरिका द्वारा दी जा रही सहायता का प्रतिशोध लेने के लिए पुतिन अब 'मिडिल ईस्ट कार्ड' का उपयोग कर रहे हैं।
पुष्टि का अभाव
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके पास इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि रूस ईरान को सीधे हमले का आदेश दे रहा है, लेकिन डेटा साझा करना अपने आप में एक 'ऑपरेशनल सपोर्ट' है।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान, जब इस रिपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सवाल बेवकूफी भरा है।
व्हाइट हाउस ने भी इस इंटेलिजेंस शेयरिंग के महत्व को कम करके आंका। प्रेस सचिव ने कहा कि इससे अमेरिकी सैन्य अभियान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
यूक्रेन की भूमिका
बढ़ते संघर्ष के बीच, यूक्रेन ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सहयोगियों को ईरानी ड्रोन का मुकाबला करने में मदद देने की पेशकश की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि वाशिंगटन और क्षेत्रीय सरकारों ने शाहेद ड्रोन से बचाव के लिए मदद मांगी है।
वैश्विक चिंता
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से क्षेत्र में अस्थिरता और वैश्विक शक्तियों के और शामिल होने की संभावना को लेकर चिंता बढ़ गई है।