रूस का तेल टैंकर क्यूबा पहुंचा: अमेरिका की नाकामी और क्यूबा की उम्मीदें
रूस का विशाल तेल टैंकर क्यूबा के निकट
रूस का एक बड़ा तेल टैंकर क्यूबा के करीब पहुंच चुका है, और अमेरिका इसे रोकने में असफल नजर आ रहा है। इस टैंकर में लगभग 7 लाख 30 हजार बैरल कच्चा तेल भरा हुआ है, जो क्यूबा के मातांजास बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, यह जहाज कुछ ही घंटों में अपने गंतव्य पर पहुंच सकता है। इससे पहले, एक अन्य रूसी टैंकर लगभग 6 लाख 50 हजार बैरल तेल लेकर क्यूबा के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। यह घटनाक्रम अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि जनवरी से क्यूबा के चारों ओर तेल आपूर्ति पर अमेरिका ने कड़ी रोक लगा रखी थी। क्यूबा में बिजली और ईंधन की भारी कमी के कारण लोग अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं।
क्यूबा में रूसी तेल टैंकर का आगमन क्यों है महत्वपूर्ण?
अमेरिका ने क्यूबा को तेल पहुंचाने वाले देशों को खुली चेतावनी दी थी। एक बार, अमेरिकी जहाज ने क्यूबा की ओर जा रहे टैंकर को रास्ते से हटा दिया था। लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह से भिन्न है। अमेरिकी कोस्ट गार्ड के जहाज मौके पर मौजूद थे, फिर भी उन्होंने रूसी टैंकर को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि बिना आदेश के कोस्ट गार्ड ने टैंकर को आगे बढ़ने दिया। रूस पहले से ही यूक्रेन युद्ध में अमेरिका को उलझाए हुए है और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में भी ईरान की सहायता कर रहा है। अब क्यूबा के माध्यम से एक नया मोर्चा खुलता दिख रहा है।
अमेरिका टैंकर को रोकने में असफल क्यों?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस समय रूस के साथ सीधे टकराव से बचना चाहता है। ईरान युद्ध में पहले ही काफी नुकसान झेल चुके अमेरिका के पास दो मोर्चों पर एक साथ लड़ने की क्षमता नहीं बची है। यही कारण है कि ट्रंप प्रशासन की सख्त चेतावनियों के बावजूद इस बार कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह घटना शीत युद्ध के दिनों की याद दिलाती है, जब क्यूबा सोवियत संघ के साथ मजबूती से खड़ा था।
रूस का स्पष्ट संदेश
रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह क्यूबा के साथ पूरी तरह से खड़ा है। मेक्सिको में स्थित रूसी दूतावास ने बयान जारी किया है कि क्यूबा पर लगाए गए सभी प्रतिबंध गलत हैं और रूस क्यूबा को हर प्रकार की सहायता देने के लिए तैयार है।
क्यूबा को राहत की उम्मीद
इस तेल की खेप से क्यूबा को कुछ हफ्तों की बड़ी राहत मिलने की संभावना है। देश में बिजली कटौती, ईंधन की कमी, महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़े संकट को इस सप्लाई से थोड़ी राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेल क्यूबा को कुछ हफ्तों की राहत जरूर देगा, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।