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रूस के ईरान और उत्तर कोरिया के साथ बढ़ते रिश्ते: एक नई कूटनीतिक दिशा

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में उत्तर कोरिया और ईरान के साथ बढ़ते रिश्तों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे ये देश अब रूस के करीबी सहयोगी बन गए हैं, जबकि पहले इन्हें 'पैरिया स्टेट्स' माना जाता था। यूक्रेन युद्ध के बाद, रूस ने इन देशों के साथ अपने सैन्य और तकनीकी सहयोग को बढ़ाया है। जानें इस नई कूटनीतिक दिशा के पीछे की कहानी और लावरोव के बयान का महत्व।
 

रूस की नई कूटनीतिक स्थिति

जब रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से पूछा गया कि रूस इस स्थिति में कैसे पहुंचा, जहां उत्तर कोरिया और ईरान उसके प्रमुख सहयोगी बन गए हैं, तो उन्होंने संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट उत्तर दिया—ऐसी संगत में क्या गलत है? एक इंटरव्यू में, लावरोव ने रूस के बदलते कूटनीतिक समीकरणों पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि जिन देशों को पहले 'पैरिया स्टेट्स' माना जाता था, वे अब रूस के करीबी साझेदार बन गए हैं।


उत्तर कोरिया का सैन्य सहयोग

रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंध यूक्रेन युद्ध के बाद केवल कूटनीतिक समर्थन तक सीमित नहीं रहे। उत्तर कोरिया ने रूस को भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य हथियार प्रदान किए हैं। इसके अलावा, उत्तर कोरियाई सैनिकों की रूस में तैनाती भी इस सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। यूक्रेन, अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि प्योंगयांग ने रूस में हजारों सैनिक भेजे हैं, जो कुर्स्क क्षेत्र में लड़ाई में शामिल हुए।


ईरान के साथ बढ़ती नजदीकी

ईरान ने भी रूस के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यूक्रेन युद्ध के दौरान, ईरान ने रूस को बड़ी संख्या में शाहेद ड्रोन उपलब्ध कराए, जिनका उपयोग रूस ने यूक्रेन में विभिन्न ठिकानों पर हमलों के लिए किया। दोनों देशों के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग में तेजी आई है। 2022 के बाद, रूस को ईरानी सैन्य सहायता की आवश्यकता महसूस हुई, जिससे उनके रिश्ते और मजबूत हुए।


लावरोव का बयान और बदलती विश्व व्यवस्था

लावरोव का सवाल 'ऐसी संगत में खराबी क्या है?' केवल एक पलटवार नहीं है, बल्कि यह रूस की विदेश नीति का संकेत भी है। रूस अब पश्चिमी देशों के प्रभाव से अलग अपने सहयोगियों के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद, उत्तर कोरिया और ईरान दोनों का महत्व रूस के लिए तेजी से बढ़ा है।


सामाजिक मीडिया पर प्रतिक्रिया

RT wartranslated "A Russian journalist asked Lavrov how Russia ended up with only North Korea and Iran as allies. Lavrov's response: "What's wrong with that company?" pic.twitter.com/slUeMNvyH8"

— GMan | GMan’s Chronicle (@FAB87F) August 30, 2026