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रूस के ड्रोन निर्माता CEO पर जानलेवा हमला: क्या है सच्चाई?

रूस की एक प्रमुख ड्रोन निर्माण कंपनी के CEO व्लादिमीर तकाचुक पर जानलेवा हमला हुआ है। हमले में उनकी कार को बम से उड़ाने का प्रयास किया गया, जिसमें उनके ड्राइवर की मौत हो गई। इस घटना के पीछे कौन है, इसकी जांच जारी है। साथ ही, रूस ने कीव पर भी मिसाइल हमले किए हैं, जिसमें कई लोग मारे गए हैं। जानें इस हमले की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
 

रूस में CEO पर हुआ जानलेवा हमला


नई दिल्ली: रूस की एक प्रमुख ड्रोन निर्माण कंपनी के CEO पर एक गंभीर हमला हुआ है। बुधवार को येकातेरिनबर्ग के निकट बोल्शोय इस्तोक क्षेत्र में, यूरालड्रोनज़ावोद के CEO व्लादिमीर तकाचुक की मर्सिडीज कार को बम से उड़ाने का प्रयास किया गया।


कार के नीचे विस्फोटक लगाया गया

जब तकाचुक अपनी मर्सिडीज में यात्रा कर रहे थे, तभी धमाका हुआ। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कार के नीचे विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। कार की गति तेज थी, और अचानक हुए विस्फोट ने इसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया।


व्लादिमीर तकाचुक को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें ICU में रखा गया। इस हमले में उनके ड्राइवर की मौके पर ही मृत्यु हो गई।


हमले के पीछे का रहस्य

तकाचुक यूराल ड्रोन फैक्ट्री के प्रमुख हैं, जो रूसी सेना के लिए 'उपिर' Upyr FPV ड्रोन का निर्माण करती है। ये ड्रोन युद्ध में हथियारबंद वाहनों को निशाना बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।


हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले के पीछे कौन है। रूसी जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन यूक्रेन की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


कीव पर रूस का बड़ा हमला

इसी बीच, बुधवार रात रूस ने कीव और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें 17 लोगों की जान चली गई और 44 अन्य घायल हुए। कई व्यावसायिक केंद्रों और एक रेलवे स्टेशन को भी गंभीर नुकसान हुआ।


यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि जिन स्थानों को निशाना बनाया गया, उनमें एक शराब बनाने वाली कंपनी और निर्माण सामग्री का गोदाम शामिल थे, जो युद्ध से अप्रभावित थे।


रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि ये व्यवसाय सेना से जुड़े थे। ये हमले रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की श्रृंखला का हिस्सा हैं, जो इस गर्मी में लगातार हो रहे हैं।


रिपोर्टों के अनुसार, रूस का उद्देश्य यूक्रेन के पास मौजूद अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी का लाभ उठाना है। जेलेंस्की ने अन्य देशों से और गोला-बारूद भेजने की अपील की है।