रूस के राष्ट्रपति पुतिन का भारतीय नौसैनिकों के प्रति सम्मानजनक अभिवादन
पुतिन का भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय नौसैनिकों के सामने जाकर उन्हें सम्मानित किया। इस पर भारतीय सैनिकों ने भी पुतिन को देखकर अपना हाथ उठाया। पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सरकोस्की ने यूक्रेन से कहा है कि यदि रूस उन पर हमला करता है, तो वे उसे तेजी से पराजित कर देंगे। उनका कहना है कि अगर यूक्रेन छह महीनों में रूस की आधी रिफाइनिंग क्षमता को नष्ट कर सकता है, तो नाटो छह हफ्तों में पूरी रूस को खत्म कर सकता है। इस धमकी के बाद, भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस की यात्रा पर पहुंचे, जो पिछले आठ वर्षों में किसी भारतीय सेना प्रमुख का पहला दौरा है। यह यात्रा यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार है जब कोई भारतीय सेना प्रमुख मॉस्को पहुंचा है। यह भारत की रणनीतिक स्थिति को दर्शाता है कि वह अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
भारत और रूस के बीच बढ़ते संबंध
भारतीय सेना प्रमुख की यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की मुलाकात का अनुसरण करती है और इसे एक सैन्य स्तर की कार्रवाई योजना के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका ने भारत को दो चेतावनियाँ दी थीं: पहली, रूस से तेल न खरीदने की और दूसरी, रूस से हथियार न खरीदने की। इसके बावजूद, भारत ने रूस से तेल आयात बढ़ा दिया है और भारतीय सेना के प्रमुख ने मॉस्को के राष्ट्रीय रक्षा नियंत्रण केंद्र में बैठक की। इस दौरान, मेक इन इंडिया के तहत रूस के नवीनतम और घातक हथियारों पर चर्चा की गई, जिसमें टी14 आरमाटा टैंक शामिल था। भारतीय नौसैनिकों ने 2024 में रूस की 328वीं नेवी डे परेड में भाग लिया था, जिसमें भारतीय युद्धपोत आईएनएस तबार शामिल हुआ।
पुतिन का अभिवादन और भारतीय नौसेना का सम्मान
पुतिन ने भारतीय नौसैनिकों की ओर देखकर रूसी भाषा में धन्यवाद कहा और उन्हें नेवी डे परेड में शामिल होने के लिए बधाई दी। भारतीय नौसैनिकों ने सम्मानपूर्वक अपना हाथ उठाकर पुतिन का अभिवादन किया और कहा, 'लॉन्ग लिव द रशियन आर्मी।' यह ध्यान देने योग्य है कि आईएनएस तबार का निर्माण रूस में किया गया था।