रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-पाकिस्तान और चीन पर दी महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ
पुतिन का सेंट पीटर्सबर्ग फोरम में बयान
नई दिल्ली: रूस के सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दक्षिण एशियाई कूटनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कई महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने विभिन्न देशों के पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए भारत के रक्षा हितों, पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और चीन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए।
पाकिस्तान के बारे में पुतिन की राय
पुतिन ने पाकिस्तान को एक महत्वपूर्ण और बहु-आयामी संबंधों वाला देश बताया। इसके साथ ही, उन्होंने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में मान्यता दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना की।
पाकिस्तान और चीन के रिश्ते
एक भारतीय पत्रकार ने पुतिन से पूछा कि क्या रूस यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के रक्षा हितों को नुकसान न पहुंचे, जबकि रूस के पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध मजबूत हो रहे हैं। पुतिन ने उत्तर दिया कि पाकिस्तान पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में नहीं है और उसके कई देशों के साथ स्वतंत्र संबंध हैं।
चीन के साथ संबंधों की आवश्यकता
पुतिन ने कहा कि पाकिस्तान के लिए चीन के साथ संबंध बनाए रखना उसकी कूटनीतिक आवश्यकता है, क्योंकि आज हर देश चीन के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
भारत की आर्थिक स्थिति
रूसी राष्ट्रपति ने भारत के आर्थिक विकास पर भी प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि जीडीपी (पीपीपी) के मामले में भारत अब तीसरे स्थान पर है, जबकि रूस चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि चीन, अमेरिका, भारत और रूस अब वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में प्रमुख देश हैं।
अमेरिका की दखलंदाजी पर पुतिन की चेतावनी
पुतिन ने अमेरिका की दखलंदाजी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वाशिंगटन भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने का दबाव बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी एक मजबूत संप्रभु नेता हैं और उन पर किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव डालना हानिकारक होगा।
भारत और चीन के रिश्तों पर पुतिन की टिप्पणी
पुतिन ने भारत और चीन के बीच नाजुक रिश्तों पर भी बात की और कहा कि किसी तीसरे देश को इन दोनों देशों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। रूस दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखेगा।