रूस पर नए प्रतिबंध: ट्रंप प्रशासन की द्विदलीय पहल से बढ़ेगा दबाव
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच अमेरिका का नया कदम
नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में प्रशासन ने रूस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है। 2022 से चल रहे इस संघर्ष के बीच, अमेरिका में द्विदलीय रूस प्रतिबंध विधेयक को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
ट्रंप ने रूस प्रतिबंध विधेयक को दी हरी झंडी
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक कई महीनों से तैयार किया जा रहा था और अब इसे जल्द ही अमेरिकी संसद में पेश किया जा सकता है।
चीन और भारत पर बढ़ेगा दबाव
ग्राहम के अनुसार, यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों पर दंड लगाने का अधिकार देगा, जो सस्ता रूसी तेल खरीदते हैं। उनका कहना है कि इसी धन से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का युद्ध अभियान चल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून अमेरिका को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर प्रभाव डालने की शक्ति देगा, ताकि वे सस्ते रूसी तेल की खरीद बंद करें, जो यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है।
यूक्रेन शांति प्रयासों से जुड़ा समय
ग्राहम ने यह भी बताया कि इस विधेयक का समय बहुत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, यह सही समय पर उठाया गया कदम होगा, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है, जबकि पुतिन केवल बातें कर रहे हैं और निर्दोषों की हत्या जारी रखे हुए हैं। यह स्पष्ट है कि अमेरिकी सांसद रूस पर दबाव बढ़ाने के पक्ष में हैं, ताकि युद्धविराम की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
रूस प्रतिबंध विधेयक का उद्देश्य
यह प्रस्तावित विधेयक मुख्य रूप से सीनेटर लिंडसे ग्राहम और सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल द्वारा तैयार किया गया है। इसके तहत अमेरिकी प्रशासन को यह अधिकार मिलेगा कि वह रूस से तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य निर्यात खरीदने वाले देशों पर टैरिफ और सेकेंडरी प्रतिबंध लगा सके। इसका उद्देश्य रूस की सैन्य गतिविधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करना और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग को रोकना है।
ट्रंप की प्राथमिकता में यूक्रेन-रूस संकट
रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना राष्ट्रपति ट्रंप के एजेंडे में हमेशा से शामिल रहा है। उन्होंने पद ग्रहण करते समय ही युद्ध समाप्त करने का वादा किया था। इसी क्रम में ट्रंप प्रशासन दोनों देशों के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर इस बातचीत में अमेरिका की ओर से मुख्य वार्ताकार की भूमिका निभा रहे हैं।
कांग्रेस में क्यों अटका था यह विधेयक?
एक रिपोर्ट के अनुसार, यह रूस प्रतिबंध विधेयक लंबे समय से अमेरिकी कांग्रेस में अटका हुआ था। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले कूटनीतिक प्रयासों के जरिए रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता करवाना चाहते थे। अब जबकि शांति प्रयासों के बावजूद युद्ध जारी है, ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंधों के विकल्प को फिर से सक्रिय कर दिया है।