रूस-यूक्रेन युद्ध में किम जोंग उन की नई भूमिका से बढ़ी चिंताएं
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में किम जोंग उन की नई भूमिका ने वैश्विक चिंताओं को बढ़ा दिया है। पुतिन के करीबी सहयोगी ने 50,000 सैनिकों को युद्ध में उतारने का ऐलान किया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। हाल ही में यूक्रेन ने रूस के एक महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी पर बड़ा ड्रोन हमला किया है, जिसमें कई लोग मारे गए हैं। जानें इस संघर्ष के ताजा घटनाक्रम और किम जोंग उन के जोखिम भरे कदम के पीछे की वजह।
Aug 11, 2026, 16:44 IST
रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ता संघर्ष
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब चार साल से अधिक समय से जारी है। शुरुआत में उम्मीद थी कि यह संघर्ष समाप्त होगा, लेकिन हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं। इस युद्ध का प्रभाव केवल कीव या मॉस्को तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। हाल ही में इस संघर्ष में एक नया मोड़ आया है, जिसने नाटो और अमेरिका की चिंताओं को बढ़ा दिया है। पुतिन के करीबी सहयोगी किम जोंग उन ने अपने 50,000 सैनिकों को युद्ध में उतारने का ऐलान किया है, जो एक बड़ा कदम है। इस खबर ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को चिंतित कर दिया है।
रूस और यूक्रेन के बीच ताजा घटनाक्रम
पिछले कुछ वर्षों में रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष फिर से तेज हो गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उन्होंने यूक्रेन के 150 से अधिक ड्रोन को नष्ट कर दिया है और रूस ने यूक्रेन के खारकीव और ओसा जैसे प्रमुख शहरों पर बमबारी की है, जिससे मलबा ही मलबा नजर आ रहा है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने हाल ही में रूस के एक महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी केंद्र पर सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 39 लोग घायल हुए। यह दर्शाता है कि युद्ध अब सीमा पार कर रूस के भीतर तक पहुंच गया है।
नाटो की सहायता और किम जोंग की भूमिका
जब अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देश यूक्रेन को अत्याधुनिक हथियार भेज रहे हैं, पुतिन ने भी उत्तर कोरिया से 300 से 500 सैनिकों को रूस में तैनात करने का निर्णय लिया है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है कि उत्तर कोरियाई सैनिक अब रूस की ओर से लड़ेंगे। उन्होंने दक्षिण कोरिया से एयर डिफेंस सिस्टम की मदद मांगी है, यह कहते हुए कि खतरा अब बढ़ गया है। उत्तर कोरिया ने अपनी एक मिसाइल यूनिट भी रूस भेजी है, जो रूस की 112वीं मिसाइल ब्रिगेड के साथ मिलकर काम करेगी। यह उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग का एक नया और खतरनाक चरण है।
किम जोंग उन का जोखिम भरा कदम
जून 2024 में राष्ट्रपति पुतिन की प्योंगयांग यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा संधि पर हस्ताक्षर हुए थे। इस संधि के अनुसार, यदि किसी देश पर बाहरी हमला होता है, तो दूसरा देश तुरंत सैन्य सहायता प्रदान करेगा। यह नाटो के आर्टिकल 5 के समान है। 2024 की शुरुआत में, उत्तर कोरिया ने रूस के कुछ क्षेत्रों में 14,000 सैनिक भेजे थे, जिन्होंने यूक्रेनी सेना को पीछे धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।