रूस-यूक्रेन संघर्ष में नए हमले: भारतीय नागरिक की भी मौत
रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में हाल ही में एक बार फिर से बड़े पैमाने पर हमले हुए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने रातभर कई शहरों और क्षेत्रों को ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की जान गई है, जिसमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है।
राहत कार्यों की तेज़ी
राहत और बचाव कार्य जारी
जेलेंस्की ने बताया कि हमलों का प्रभाव कीव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भी देखा गया। हमले के बाद राहत और बचाव कार्य में लगभग 350 कर्मचारी जुटे हुए हैं। बोरिस्पिल में एक पांच मंजिला आवासीय इमारत पर हमला हुआ, जहां से लगभग 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, बोरिस्पिल में चार लोगों की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए हैं।
रेलवे पर मिसाइल हमला
रेलवे डिपो पर मिसाइल हमला
कीव में रूसी हमलों का एक मुख्य लक्ष्य रेलवे सुविधाएं रहीं। जेलेंस्की के अनुसार, एक रेलवे डिपो पर हमले में सात लोगों की जान गई, जिनमें से छह रेलवे कर्मचारी थे। यूक्रेनी रेलवे के प्रमुख ओलेक्सांद्र पर्त्सोव्स्की ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइलों से डिपो और आसपास की सुविधाओं पर हमला किया गया, जिससे एक वर्कशॉप पूरी तरह से नष्ट हो गई और कई स्थानों पर आग लग गई। एक कर्मचारी घायल हुआ है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
रेलवे सेवाओं पर प्रभाव
ट्रेनों पर भी पड़ा असर
हमले के बाद रेलवे सेवाएं भी प्रभावित हुईं। इस दौरान दो रेल सेक्शन पर कुछ समय के लिए आवाजाही रोक दी गई थी, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। कई ट्रेनों के संचालन में देरी हुई और कुछ ट्रेनें 15 घंटे से अधिक देर से चलीं। जेलेंस्की के अनुसार, ओडेसा और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भी ड्रोन और निर्देशित बमों से हमले किए गए, जिससे हजारों परिवारों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। रोमानिया की सीमा के पास एक बॉर्डर क्रॉसिंग और निर्यात से जुड़ी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है। खेरसॉन, डोनेत्स्क, जापोरिज्जिया, खार्किव, चेर्निहाइव, जाइटोमिर, सुमी और द्निप्रो जैसे कई क्षेत्र भी हमलों से प्रभावित हुए हैं।
हमलों का व्यापक प्रभाव
जेलेंस्की ने कहा कि ओडेसा और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ड्रोन और निर्देशित बमों से हमले जारी रहे, जिसके कारण हजारों परिवार बिजली के बिना रह रहे हैं। इसके अलावा, रोमानिया से लगने वाले एक बॉर्डर क्रॉसिंग और निर्यात अवसंरचना को भी नुकसान पहुंचा है। साथ ही, खेरसॉन, डोनेत्स्क, जापोरिज्जिया, खार्किव, चेर्निहाइव, जाइटोमिर, सुमी और द्निप्रो क्षेत्र भी हमले की चपेट में आ गए हैं।