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रूस-यूक्रेन संघर्ष में नया मोड़: कोस्त्यांतैनिव्का पर नियंत्रण का विवाद

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में कोस्त्यांतैनिव्का पर नियंत्रण को लेकर विवाद गहरा गया है। रूस ने इस शहर पर कब्जा करने का दावा किया है, जबकि यूक्रेन ने इसे खारिज किया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर नए हमले की तैयारी का आरोप लगाया है और कहा है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सैन्य गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। जानें इस संघर्ष का आगे क्या असर हो सकता है।
 

कोस्त्यांतैनिव्का पर विवाद


नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने एक बार फिर एक नया मोड़ लिया है। पूर्वी यूक्रेन के महत्वपूर्ण शहर कोस्त्यांतैनिव्का को लेकर दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से भिन्न हैं। रूस ने इस शहर पर कब्जा करने का दावा किया है, जबकि यूक्रेन ने इसे पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि वहां अभी भी उसके सैनिक मौजूद हैं और लड़ाई जारी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर नए हमले की तैयारी का आरोप भी लगाया है।


रूस का दावा और यूक्रेन की प्रतिक्रिया

रूस ने हाल ही में कहा कि उसकी सेना ने डोनेट्स्क क्षेत्र के कोस्त्यांतैनिव्का पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। यह शहर रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह डोनेट्स्क के कई प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। हालांकि, यूक्रेन ने इस दावे को गलत बताया है और कहा है कि उसके सैनिक अभी भी शहर में डटे हुए हैं और रूसी सेना के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।


जेलेंस्की का बयान

लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई


राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने दैनिक संबोधन में कहा कि कोस्त्यांतैनिव्का में संघर्ष अभी भी जारी है। उन्होंने रूस के दावे को अस्वीकार करते हुए कहा कि स्थिति वास्तविकता के अनुरूप नहीं है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेनी सेना शहर की रक्षा में पूरी ताकत से जुटी हुई है।


नाटो शिखर सम्मेलन से पहले की गतिविधियाँ

सैन्य गतिविधियों में वृद्धि


यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी खुफिया एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि रूस आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर नए सैन्य हमलों की योजना बना रहा है। यह गतिविधियाँ तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले बढ़ रही हैं। इस सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच युद्ध की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।


रूस के भीतर यूक्रेन के हमले

रूस में हमलों का प्रभाव


जेलेंस्की ने कहा कि रूस के भीतर यूक्रेन के हमलों का असर स्पष्ट हो रहा है। हाल के महीनों में रूस के कई क्षेत्रों में सैन्य और ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि तेल भंडारण केंद्रों और ईंधन डिपो पर हुए हमलों से रूस की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है।


शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव

शांति के लिए जरूरी कदम


जेलेंस्की ने कहा कि यदि इस युद्ध का स्थायी समाधान निकालना है तो रूस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पहले ही शांति के लिए अपने प्रस्ताव पेश कर चुका है और उम्मीद है कि कूटनीतिक प्रयासों या अंतरराष्ट्रीय दबाव के माध्यम से सम्मानजनक शांति का रास्ता निकलेगा। यह संघर्ष यूरोप के सबसे बड़े युद्धों में से एक माना जाता है।