रूस-यूक्रेन संघर्ष में फिर से बढ़ी तनाव की लहर, कीव पर हुआ बड़ा ड्रोन हमला
युद्ध की स्थिति में तेजी
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का अस्थायी युद्धविराम समाप्त होते ही, संघर्ष ने एक बार फिर से तेज गति पकड़ ली है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें एक आवासीय इमारत को लक्ष्य बनाया गया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, 12 मई की रात को रूसी सेना ने राजधानी पर हमले फिर से शुरू कर दिए।
कीव पर ड्रोन हमले का विवरण
यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया था। सीजफायर खत्म होने के कुछ घंटों के भीतर ही कीव पर हमले शुरू हो गए, जिससे क्षेत्र में तनाव फिर से बढ़ गया है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह हमला ड्रोन के माध्यम से किया गया था, जिसमें राजधानी की एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया गया। हालांकि, नुकसान का सटीक आंकड़ा अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन रिपोर्टों में कहा गया है कि यह हमला रूस की पूर्व की रणनीति के अनुरूप था, जिसमें यूक्रेन के शहरों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता रहा है।
सीजफायर के दौरान स्थिति
तीन दिन के अस्थायी युद्धविराम के दौरान, दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक नहीं देखी गई। हालांकि, यूक्रेनी एयर फोर्स ने दावा किया कि रूस ने ड्रोन लॉन्च किए और कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र से एक इस्कंदर-M बैलिस्टिक मिसाइल भी दागी गई। इसके बावजूद, युद्धविराम की अवधि के दौरान स्थिति अपेक्षाकृत शांत बनी रही।
अमेरिका की मध्यस्थता की संभावना
रिपोर्टों के अनुसार, कई महीनों से रुकी रूस-यूक्रेन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका एक बार फिर सक्रिय हो गया है। जानकारी के अनुसार, मॉस्को के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत के बदले अमेरिका दोनों देशों के बीच अस्थायी सीजफायर समझौता कराने की कोशिश कर रहा है।
सीजफायर का उद्देश्य
रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का अस्थायी युद्धविराम मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता और रूस के विक्ट्री डे समारोह को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया था। यह सीजफायर 9 मई से 11 मई तक प्रभावी रहा। इस दौरान दोनों देशों के बीच 1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली की भी बात की गई थी। युद्धविराम का उद्देश्य दोनों पक्षों को सैन्य राहत देने के साथ-साथ कूटनीतिक बातचीत के लिए समय देना था।