रूस-यूक्रेन संघर्ष में बढ़ा तनाव: मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार
रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते संघर्ष का नया अध्याय
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने रातभर में देश के विभिन्न हिस्सों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने कुल 70 मिसाइलें और 611 ड्रोन दागे, जो हाल के समय के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक माने जा रहे हैं।
यूक्रेनी सेना की प्रतिक्रिया
यूक्रेनी सेना का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 50 मिसाइलों और 582 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, कई क्षेत्रों में हमलों के कारण नुकसान की खबरें आई हैं। रूस के इस व्यापक हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष का अंत निकट नहीं है।
रूस का दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनकी सेना ने यूक्रेन के सैन्य और रक्षा उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। मंत्रालय के अनुसार, कीव, खार्किव और द्नीप्रो में स्थित सैन्य हवाई अड्डों और रक्षा उत्पादन केंद्रों पर सफलतापूर्वक हमले किए गए। रूस ने यह भी दावा किया कि सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं।
यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई
इस बीच, यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले किए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेनी बलों ने रूस के यारोस्लाव क्षेत्र में एक तेल भंडारण केंद्र और तुला क्षेत्र के अजोट रासायनिक संयंत्र को निशाना बनाया। जेलेंस्की के अनुसार, यह रासायनिक संयंत्र रूस के विस्फोटक निर्माण नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रूसी अधिकारियों की पुष्टि
रूसी अधिकारियों ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। यारोस्लाव क्षेत्र के गवर्नर मिखाइल येव्रायेव ने कहा कि इलाके पर बड़े पैमाने पर यूक्रेनी ड्रोन हमला हुआ। अधिकांश ड्रोन को रोक लिया गया, लेकिन कुछ ड्रोन ईंधन भंडारण केंद्र तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
यूक्रेन की बढ़ती सैन्य क्षमता
युद्ध के दौरान, यूक्रेन ने अपने स्वदेशी ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम को लगातार मजबूत किया है। इसी क्षमता के चलते वह अब रूस के अंदर गहराई तक स्थित सैन्य, औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है। ताजा घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे संघर्ष और अधिक जटिल एवं खतरनाक होता जा रहा है।