लाल सागर में बढ़ता खतरा: हूती विद्रोहियों की नई रणनीति
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का प्रभाव अब लाल सागर तक पहुंच चुका है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे समुद्री व्यापार को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। अमेरिका की Maritime Administration (MARAD) ने चेतावनी जारी की है कि यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले कर सकते हैं।
बाब अल-मंदेब पर खतरे का अलार्म
इस एडवाइजरी में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को सबसे खतरनाक क्षेत्र बताया गया है, जिसे 'आंसुओं का द्वार' भी कहा जाता है। यहां से गुजरने वाले अमेरिकी, ब्रिटिश और इजरायली जहाजों को हूतियों से सीधा खतरा है।
अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से हूतियों ने किसी भी जहाज पर हमला नहीं किया है, लेकिन वे अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।
हूती विद्रोही: एक परिचय
हूती विद्रोही यमन के शिया मुस्लिम अल्पसंख्यक जैदी समुदाय के हितों के लिए लड़ने वाला एक सैन्य, राजनीतिक और धार्मिक संगठन है। ये ईरान के समर्थन से कार्यरत हैं। हाल ही में, शनिवार को, हूतियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी, जो अमेरिका-इजरायल हमले के बाद उनका पहला हमला था।
हूतियों की नई रणनीति
अमेरिका को चिंता है कि हूती विद्रोही अब आधुनिक हथियारों का उपयोग कर सकते हैं। वे जहाजों पर ड्रोन, समुद्र सतह पर चलने वाले ड्रोन (USV), पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन (UUV), बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइल से हमले कर सकते हैं। पहले वे छोटी नावों से हमले करते थे, लेकिन अब उनकी क्षमताएं काफी बढ़ गई हैं।
बाब अल-मंदेब का महत्व
बाब अल-मंदेब स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट में से एक है। यह लाल सागर को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसकी सबसे संकीर्ण जगह केवल 18 मील चौड़ी है, जहां यातायात 2 मील चौड़े चैनल तक सीमित रहता है, जिससे यहां जहाजों को निशाना बनाना आसान हो जाता है।
हूतियों के पिछले हमलों में नवंबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच 100 से अधिक हमले हुए, जिसमें 60 से अधिक देश प्रभावित हुए। जुलाई 2025 में उन्होंने दो जहाज डुबो दिए और चार नाविकों की मौत हो गई। अगस्त 2025 में सऊदी अरब के पास इजरायली जहाज पर हमला किया गया। सितंबर 2025 में एक डच जहाज पर मिसाइल हमले में एक नाविक की जान गई।