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लाहौर में ऐतिहासिक नामों की वापसी: जनरल असीम मुनीर की नई रणनीति

पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने लाहौर में बंटवारे से पहले के ऐतिहासिक नामों को पुनर्स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के पीछे जनरल असीम मुनीर की रणनीति मानी जा रही है, जो पश्चिमी देशों के सामने अपनी छवि को सुधारना चाहते हैं। नजम सेठी ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह बिना फील्ड मार्शल की अनुमति के संभव था। जानें इस निर्णय में शामिल नामों की सूची और इसके पीछे की कहानी।
 

पाकिस्तान की पंजाब सरकार का ऐतिहासिक फैसला


नई दिल्ली: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने लाहौर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बंटवारे से पहले के कई ऐतिहासिक नामों को पुनर्स्थापित करने का निर्णय लिया है। 1947 के बाद जिन स्थानों के नाम बदले गए थे, उन्हें अब उनके पुराने नामों से जाना जाएगा। इस निर्णय पर पाकिस्तान के प्रमुख पत्रकार नजम सेठी ने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर सवाल उठाए हैं।


नजम सेठी का बयान

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नजम सेठी ने एक कार्यक्रम में कहा कि लाहौर के नामों में बदलाव के पीछे जनरल असीम मुनीर की योजना है। सेठी का मानना है कि मुनीर पश्चिमी देशों के समक्ष अपनी उदार छवि प्रस्तुत करना चाहते हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि यदि फील्ड मार्शल की अनुमति नहीं होती, तो क्या शहबाज शरीफ इस कदम को उठा पाते? सेठी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान में लगातार इस्लामीकरण की प्रक्रिया देखी गई है, जिसमें हिंदू और ईसाई नामों को हटा दिया गया है। अब जनरल मुनीर अपनी छवि को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।


कृष्ण नगर का पुनर्नामकरण

कृष्ण नगर से इस्लामपुरा और फिर वापसी: इस निर्णय में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव कृष्ण नगर का पुनर्नामकरण है, जिसे बंटवारे के बाद इस्लामपुरा नाम दिया गया था। लाहौर हेरिटेज एरियाज रिवाइवल प्रोजेक्ट के तहत कई सड़कों और क्षेत्रों के नामों की समीक्षा की जा रही है। ये सभी नाम कभी लाहौर की हिंदू, सिख और जैन पहचान का हिस्सा थे। बंटवारे ने शहर का स्वरूप हमेशा के लिए बदल दिया था।


बदलने वाले नामों की सूची

कौन-कौन से नाम बदलेंगे: इस सूची में कई प्रसिद्ध स्थान शामिल हैं। इस्लामपुरा को फिर से कृष्ण नगर बनाया जाएगा, सुन्नत नगर को संत नगर, और मुस्तफाबाद को धर्मपुरा के नाम से जाना जाएगा। हमीद निजामी रोड का नाम टेम्पल स्ट्रीट होगा, जबकि निशतर रोड को ब्रैंडरेथ रोड में परिवर्तित किया जाएगा।


रहमान गली का नाम राम गली, बाबरी मस्जिद चौक को जैन मंदिर रोड में बदला जाएगा। गाज़ियाबाद को फिर से कुम्हारपुरा और जीलानी रोड को आउटफॉल रोड के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा भी कई अन्य नामों में बदलाव की योजना है।


कैबिनेट की मंजूरी

मरियम नवाज की कैबिनेट से मिली मंजूरी: इस कदम को मुख्यमंत्री मरियम नवाज की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति मिली थी। इसे नवाज शरीफ के नेतृत्व में लाहौर हेरिटेज एरियाज रिवाइवल प्रोजेक्ट के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। नजम सेठी को पाकिस्तान का प्रमुख नैरेटिव सेट करने वाला पत्रकार माना जाता है, और उन्होंने सेना प्रमुख की मंशा पर सवाल उठाए हैं।