लेबनान और इजराइल के बीच बढ़ता संघर्ष: हिजबुल्ला के हमले और इजराइल की प्रतिक्रिया
मिडिल ईस्ट में तनाव और इजराइल-लेबनान संघर्ष
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच, लेबनान और इजराइल के बीच युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ईरान के खिलाफ संघर्ष का लाभ उठाते हुए, आतंकी संगठन हिजबुल्ला के लड़ाकों ने लेबनान से इजराइल के विभिन्न शहरों पर मिसाइलों से हमला किया। इन हमलों से इजराइल का आसमान गूंज उठा और शहरों में सायरन बजने लगे। हालांकि, इजराइल के डिफेंस सिस्टम ने हिजबुल्ला की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इजराइल की सेना ने हिजबुल्ला के हमलों का कड़ा जवाब देते हुए लेबनान में कई हवाई हमले किए, जिससे कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं और लाखों लोग बेघर हो गए। हिजबुल्ला के कई ठिकाने भी नष्ट कर दिए गए। इजराइल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर हिजबुल्ला ने फिर से इजराइल पर हमला किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इजराइल की सैन्य कार्रवाई
इजराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें पूर्वी लेबनान के नवीच क्षेत्र में एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान 41 लोग मारे गए। इस ऑपरेशन का उद्देश्य इजराइल के एयरमैन रॉन अराद का पता लगाना था, जो 1986 से लापता हैं। अराद का फाइटर जेट लेबनान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इजराइल की सेना ने इस ऑपरेशन के बाद वहां से वापस लौटने का निर्णय लिया।
युद्ध के दौरान, इजरायली सेना ने लेबनान के कई क्षेत्रों में हवाई हमले किए, जिनमें दक्षिणी लेबनान के जानदार अल्प अरब सलीन और जिप्स गांव शामिल हैं। इन हमलों में कई लोगों की मौत होने की सूचना है। यह हमले उस बढ़ते तनाव का हिस्सा हैं, जो हाल ही में ईरान-इजराइल संघर्ष के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गया है। हिजबुल्ला ने इजराइल पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए, जिसके जवाब में इजराइल ने लगातार हिजबुल्ला के ठिकानों पर निशाना साधा।
इजराइल की चेतावनी
इजराइल ने स्पष्ट किया है कि वह लेबनान से आने वाले हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और आवश्यकता पड़ने पर और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।