लेबनान में इजरायल के हमलों के बीच सीजफायर की स्थिति
सीजफायर की स्थिति
लेबनान पर इजरायल के हालिया हमलों के बाद, सीजफायर की स्थिति संकट में पड़ती दिख रही है। अमेरिका और इजरायल का कहना है कि लेबनान के मामले में कोई समझौता नहीं हुआ है, जबकि ईरान का दावा है कि सभी जगहों पर हमले रोकने की बात हुई थी। ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है, यह कहते हुए कि अब बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने का कोई अर्थ नहीं रह गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सेना अभी भी हमलों के लिए तैयार है और कुछ लक्ष्यों को पूरा करने के बाद ही रुकेंगे। इस प्रकार, लगातार हमलों के चलते यह आशंका जताई जा रही है कि सीजफायर का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और पश्चिमी एशिया में अशांति बनी रह सकती है.
अमेरिका की मांग
इस बीच, अमेरिका ने ईरान से आग्रह किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक तेल परिवहन के लिए खोला जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को खत्म करने की धमकियों के बाद, ईरान, अमेरिका और इजरायल ने एक दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई थी। हालांकि, समझौते की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने बेरूत के घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर हवाई हमले किए, जिसमें 112 लोगों की मौत और 800 से अधिक लोग घायल हुए। इजरायल ने कहा कि यह युद्धविराम समझौता हिजबुल्ला के खिलाफ उनकी लड़ाई पर लागू नहीं होता।
लेबनान की स्थिति
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने कहा है कि लेबनान पर आक्रमण ईरान पर आक्रमण के समान है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्ध का अंत अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है और अब अमेरिका पर निर्भर है कि वह अपने वादों को पूरा करेगा या नहीं।
हमलों की निरंतरता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत ईरान पहुंचे हैं ताकि आगे की बातचीत की जा सके। पाकिस्तान ने कहा है कि युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए वार्ता इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है। इजरायल ने ईरान के साथ युद्धविराम का समर्थन किया है, लेकिन नेतन्याहू ने कहा कि यह समझौता हिजबुल्ला पर लागू नहीं होता। इजरायल की सेना ने कहा कि लड़ाई और जमीनी अभियान जारी रहेंगे।
आगामी चुनौतियाँ
युद्धविराम की घोषणा के बाद, संयुक्त अरब अमीरात, इजरायल, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत में मिसाइल हमलों की चेतावनी जारी की गई है। ईरान की गोलाबारी के बाद अबू धाबी में एक गैस प्रोसेसिंग प्लांट में आग लग गई। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि लावन द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ।