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लॉरा लूमर ने ईरान के खिलाफ इजरायल को भड़काया

लॉरा लूमर, एक अमेरिकी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता, ने ईरान के खिलाफ इजरायल को उकसाते हुए खामनेई के अंतिम संस्कार के दौरान हमले की मांग की है। उन्होंने ईरान के जिहादियों को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया है और IDF से आग्रह किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। लूमर की विचारधारा और उनके विवादास्पद बयानों के बारे में जानें।
 

लॉरा लूमर का विवादास्पद बयान

अमेरिकी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने एक बार फिर से ईरान के खिलाफ इजरायल को उकसाया है। उन्होंने इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) से आग्रह किया है कि वे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनेई की अंतिम यात्रा के दौरान हमला करें।


लूमर ने कहा कि ईरान के जिहादियों को समाप्त करने की आवश्यकता है। 9 जुलाई को खामनेई की अंतिम यात्रा के दिन, वह चाहती हैं कि बेंजामिन नेतन्याहू अपनी सेना को हमले का आदेश दें।


लूमर की विचारधारा

लॉरा लूमर, जो डोनाल्ड ट्रंप की करीबी सहयोगियों में से एक मानी जाती हैं, पहले भी ईरान के खिलाफ हिंसक कार्रवाई का समर्थन कर चुकी हैं। वह ईरान को दी जाने वाली किसी भी छूट की कड़ी आलोचना करती हैं और ईरान के साथ शांति वार्ता के खिलाफ हैं।


लूमर का हालिया बयान

गुरुवार को, लूमर ने ईरान पर बमबारी का संकेत दिया। उन्होंने एक पोस्ट के जवाब में कहा, 'खामनेई का अंतिम संस्कार? यह बमबारी के लिए एक उपयुक्त समय है।'


लॉरा लूमर:-
इजरायली डिफेंस फोर्स के पास यह करने का एक शानदार अवसर है।


लूमर की मांग

लूमर चाहती हैं कि जब खामनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हों, तब IDF ईरान पर हमला करे, जिसमें आम जनता के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और ईरानी सेना के लोग भी मारे जाएं।


लॉरा लूमर:-
अगर मुझे अमेरिका या IDF की ओर से कुछ जिहादियों पर बमबारी करते देखने का मौका मिले तो मैं कभी मना नहीं करूंगी।


लॉरा लूमर का परिचय

लूमर दक्षिणपंथी विचारधारा की एक प्रमुख आवाज हैं और इस्लाम की आलोचना करती हैं। वह इस्लाम को जिहाद से जोड़कर देखती हैं और ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली कार्रवाई की आलोचना करने वालों को भी जिहादी कहती हैं।


खामनेई का अंतिम संस्कार

आयतुल्ला अली खामनेई, जो अपने जीवनकाल में ईरान के सुप्रीम लीडर रहे, का अंतिम संस्कार 9 जुलाई को इमाम रजा के मकबरे में किया जाएगा। तेहरान में 6 जुलाई, कोम में 7 जुलाई और मशहद में 9 जुलाई को अंतिम संस्कार समारोह आयोजित होंगे। खामनेई की अमेरिकी हमले में 28 फरवरी को मृत्यु हो गई थी, और चार महीने बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। उनके जनाजे में लाखों की भीड़ उमड़ने की संभावना है।