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विश्व जल दिवस पर भारत-पाकिस्तान के बीच जल विवाद की चर्चा

विश्व जल दिवस पर आयोजित चर्चा में भारत और पाकिस्तान के बीच जल विवाद पर महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। पाकिस्तान ने भारत पर कई आरोप लगाए, जबकि भारत ने जल जीवन मिशन और जल सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। भारत ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करता रहेगा, तब तक सिंधु जल संधि जारी नहीं रह सकती। इस चर्चा ने दोनों देशों के बीच जल विवाद की गंभीरता को उजागर किया है।
 

जल विवाद पर भारत और पाकिस्तान की बहस

विश्व जल दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न देशों ने भाग लिया। इस मंच पर भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जैसे ही पाकिस्तान को बोलने का मौका मिला, उसने भारत के खिलाफ अपने नकारात्मक प्रचार को फैलाना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने भारत पर कई आधारहीन आरोप लगाए और जल संधि पर रोक लगाने का आरोप भारत पर मढ़ दिया। इसके बाद भारत ने अपनी बात रखी। भारत ने जल जीवन मिशन के तहत उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी और जल सुरक्षा के लिए अपने प्रयासों को साझा किया। इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की आलोचना की, जिसमें उसने पाकिस्तान के आतंकवाद को लेकर उसके असली चेहरे को उजागर किया। भारत ने स्पष्ट किया कि वह पाकिस्तान को एक बूंद पानी भी नहीं देगा।


भारत का स्पष्ट संदेश

भारत ने यह दोहराया है कि सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने कहा कि पाकिस्तान को संधि संबंधी चिंताओं को उठाने से पहले मानव जीवन की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताया। हरीश ने कहा कि भारत ने 1960 की संधि पर सद्भावना से हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने युद्धों और आतंकवादी हमलों के माध्यम से इसे कमजोर किया है।


पाकिस्तान के साथ संबंधों की स्थिति

पिछले साल के भयावह पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर दिया था। हरीश ने यह भी कहा कि तकनीकी और पर्यावरणीय परिवर्तनों के बीच संधि में संशोधन पर चर्चा करने के भारत के प्रयास को पाकिस्तान ने अस्वीकार कर दिया। विश्व जल दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए हरीश ने कहा कि भारत सुरक्षित जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और जल जीवन मिशन के तहत हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को अपने साथ रखेगा, तब तक भारत उसके साथ कोई संबंध नहीं रख सकता। भारत ने लंबे समय तक पाकिस्तान के प्रति उदारता दिखाई है, लेकिन पाकिस्तान ने अपने रवैये में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में सिंधु जल संधि जारी नहीं रह सकती है।