×

वेनेजुएला में भूकंप का कहर: 7.1 और 7.5 की तीव्रता से हिल गया देश

वेनेजुएला में हाल ही में आए दो भूकंपों ने देश को हिलाकर रख दिया है। 7.1 और 7.5 की तीव्रता से आए इन भूकंपों ने राजधानी काराकास समेत कई शहरों को मलबे में बदल दिया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस त्रासदी में हजारों लोगों की जान जा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में तबाही का मंजर साफ नजर आ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने आपातकाल घोषित कर दिया है और राहत कार्य जारी हैं। जानें इस भयानक घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

भूकंप ने मचाई तबाही


नई दिल्ली: लैटिन अमेरिका के वेनेजुएला में एक भयानक प्राकृतिक आपदा ने देश को हिलाकर रख दिया है। महज 39 सेकंड के भीतर आए दो विनाशकारी भूकंपों ने राजधानी काराकास समेत कई अन्य प्रमुख शहरों को मलबे में बदल दिया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, यह पिछले 125 वर्षों में वेनेजुएला में आई सबसे गंभीर भूकंपीय आपदा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस त्रासदी में लगभग 10,000 लोगों की जान जा सकती है।


भूकंप की तीव्रता

7.1 और 7.5 की तीव्रता से कांपा देश


इस आपदा की शुरुआत 7.1 तीव्रता के पहले झटके से हुई। लोग अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाए थे कि 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका आया। इस भूकंप का केंद्र युमारे और मोंटाल्बान के पास, जमीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे इसका प्रभाव अत्यंत विनाशकारी रहा। इस झटके का कंपन पड़ोसी देश कोलंबिया की राजधानी बोगोटा और कैरेबियाई द्वीपों तक महसूस किया गया।


सोशल मीडिया पर तबाही का मंजर

सोशल मीडिया पर तबाही का लाइव मंजर


सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। वायरल हो रहे वीडियो में काराकास और ला ग्वायरा की बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह गिरती नजर आ रही हैं। पल भर में कंक्रीट के ढांचे धराशायी हो गए और धूल का एक विशाल बादल आसमान में छा गया। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल है, लोग जान बचाने के लिए चीखते हुए खुले मैदानों की ओर भाग रहे हैं।


आपातकाल की घोषणा

आपातकाल घोषित


स्थानीय प्रशासन ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है। वालेंसिया और ला ग्वायरा जैसे शहरों में होटल, बिजली ग्रिड और सरकारी इमारतों को भारी नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में बिजली, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई हैं। मैक्वेटिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दरारें आने के कारण उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।


राहत कार्यों की चुनौतियाँ

राहत एजेंसियों की सबसे बड़ी चुनौती


अधिकारियों और राहत एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालना है। पुलिस, सेना और स्थानीय नागरिक मिलकर बचाव कार्यों में जुटे हैं, लेकिन लगातार आ रहे झटकों के कारण ऑपरेशन में बाधा आ रही है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त मकानों में न जाएं और खुले मैदानों में शरण लें।