वेनेजुएला में भूकंप का कहर: जानें क्या हुआ और क्यों?
भूकंप ने वेनेजुएला को हिलाकर रख दिया
नई दिल्ली: वेनेजुएला के कैरेबियन तट पर बुधवार शाम को भूकंपों की एक श्रृंखला ने तबाही मचाई। कुछ ही मिनटों के भीतर, दो शक्तिशाली भूकंपों ने राजधानी काराकास समेत कई क्षेत्रों को हिला दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.1 की तीव्रता का था, जिसका केंद्र मोरॉन समुदाय से 168 किलोमीटर पश्चिम में था। इसके तुरंत बाद, 7.5 की तीव्रता का दूसरा और अधिक विनाशकारी झटका आया, जिसने इमारतों को ध्वस्त कर दिया।
अल्तामिरा में तबाही
पहले भूकंप की गहराई 13 किलोमीटर और दूसरे की 10 किलोमीटर थी। कम गहराई के कारण भूकंपीय तरंगों ने सतह पर भयंकर कंपन उत्पन्न किया। आंतरिक मंत्री डियोस्डाडो काबेलो ने बताया कि अल्तामिरा क्षेत्र में कई बहुमंजिला इमारतों की दीवारें गिर गईं, जिससे फर्नीचर सड़कों पर बिखर गया। मलबे के कारण आसमान में धूल का गुबार छा गया और लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सड़कों की ओर भागने लगे।
भूकंप का कारण
वेनेजुएला की भू-वैज्ञानिक स्थिति अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि यह कैरेबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट की सक्रिय सीमा पर स्थित है। कैरेबियन प्लेट, साउथ अमेरिकन प्लेट के मुकाबले पूर्व की ओर लगभग 20 मिलीमीटर प्रति वर्ष की गति से खिसक रही है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से एक 'ट्रांसफॉर्म बाउंड्री' है, जहां सैन सेबेस्टियन और एल पिलार फॉल्ट सिस्टम के कारण प्लेट्स एक-दूसरे के बगल से रगड़ खाती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में फंस जाती हैं, तो भारी भू-गर्भीय तनाव जमा होता है। बुधवार शाम को इसी लॉक सिस्टम के अचानक टूटने के कारण यह भूकंप आया।
सुनामी की चेतावनी
भूकंप का केंद्र कैरेबियन तट के निकट था, जिसके कारण यूएस पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए तुरंत सुनामी अलर्ट जारी किया। हालांकि, बाद में फॉल्ट की दिशा और समुद्र तल में बहुत बड़ा वर्टिकल विस्थापन न होने के कारण इस अलर्ट को रद्द कर दिया गया, जिससे एक बड़ा तटीय संकट टल गया। यह आपदा वेनेजुएला के लिए एक और चुनौती है, जो पहले से ही गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहा है।
घायलों को बचाने का प्रयास
देश का पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर और गैर-भूकंपरोधी इमारतें इस झटके को सहन नहीं कर पाईं। वर्तमान में सेना और रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे घायलों को निकालने में जुटी हैं, लेकिन लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स राहत कार्य में बाधा डाल रहे हैं। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है और एम्बुलेंस के लिए रास्ते खाली रखने का निर्देश दिया है।