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वेनेजुएला में भूकंप: लौटे निर्वासितों की त्रासदी, 1700 से अधिक की मौत

वेनेजुएला में हाल ही में आए भूकंप ने लौटे निर्वासितों के लिए एक भयानक त्रासदी का रूप ले लिया। कराकस में एक होटल में ठहरे 146 लोगों में से कई मलबे में दब गए, जिससे 1700 से अधिक लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद, परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में जुटे हैं। जानें इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी कहानी और प्रभावित लोगों के अनुभव।
 

भूकंप के बाद की भयावहता


नई दिल्ली: वेनेजुएला के कई नागरिक, जो अमेरिका से निर्वासित होकर अपने देश लौटे थे, ने शायद ही सोचा था कि घर पहुंचने के कुछ घंटों बाद उन्हें एक भयानक त्रासदी का सामना करना पड़ेगा। कराकस में पहुंचने के बाद, उन्हें अस्थायी रूप से एक होटल में ठहराया गया, जो बाद में दो शक्तिशाली भूकंपों के कारण ढह गया। इस हादसे में कई लोग मलबे में दब गए, जबकि कुछ ने किसी तरह बाहर निकलने में सफलता पाई। सरकार के अनुसार, इस आपदा में 1,700 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।


निर्वासितों की उड़ान और भूकंप का कहर

मानवाधिकार संगठन 'ह्यूमन राइट्स फर्स्ट' के अनुसार, बुधवार को मियामी से कराकस आई एक निर्वासन उड़ान में 146 वेनेजुएलावासी सवार थे, जिनमें 19 महिलाएं और सात बच्चे शामिल थे। लौटने के बाद, सभी यात्रियों को एक होटल में अस्थायी रूप से ठहराया गया था, जहां से उन्हें अगले दिन उनके गृह क्षेत्रों के लिए रवाना होना था। लेकिन इससे पहले ही भूकंप ने तबाही मचाई।


भूकंप ने होटल को मलबे में बदल दिया

निर्वासितों को होटल सैंटुआरियो ला ललानाडा में ठहराया गया था। इसी दौरान 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए, जिन्होंने होटल और आसपास के क्षेत्रों को बुरी तरह प्रभावित किया। ला गुआइरा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां कई इमारतें ढह गईं और होटल मलबे में तब्दील हो गया। बचाव दल लगातार मलबे से लोगों को निकालने में जुटा रहा।


मलबे से बाहर निकलने की कहानी

58 वर्षीय लिस्बेथ पोर्टिलो उन लोगों में से थीं जो मलबे से बाहर निकलने में सफल रहीं। उन्होंने बताया कि वह रेंगते हुए बाहर आईं और करीब 20 अन्य लोगों के साथ मदद की तलाश में निकल पड़ीं। उन्होंने कई किलोमीटर पैदल चलकर नेशनल गार्ड के एक केंद्र तक पहुंचने में सफलता पाई।


भूकंप के समय की स्थिति

पोर्टिलो ने कहा कि होटल पहुंचने से पहले सभी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई थी। वह दूसरी मंजिल पर ठहरी हुई थीं जब भूकंप आया। पहले झटके के तुरंत बाद दूसरा और अधिक तेज भूकंप आया, जिससे वह एक बीम के नीचे दब गईं, लेकिन किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहीं।


परिवारों की चिंता

इस हादसे के बाद कई परिवार अपने प्रियजनों की तलाश कर रहे हैं। लिलियाना रोजास ने बताया कि उनके साथी को भी उसी दिन अमेरिका से वेनेजुएला भेजा गया था, लेकिन तब से उनका कोई पता नहीं चला। वेनेजुएला सरकार के अनुसार, इस भूकंप में अब तक 1,700 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और बचाव दल अभी भी जीवित लोगों की तलाश कर रहा है।