वेनेजुएला में मादुरो की गिरफ्तारी: अमेरिका का बड़ा सैन्य ऑपरेशन
वेनेजुएला की राजनीति में भूचाल
नई दिल्ली: वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति में अचानक उथल-पुथल मच गई, जब अमेरिकी सेना ने कराकस के निकट एक सुरक्षित सैन्य अड्डे पर एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन किया। इस दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई आधी रात के समय हुई, जब दंपति फोर्ट टियूना सैन्य परिसर में अपने निवास पर सो रहे थे।
आधी रात का सैन्य अभियान
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विशेष बलों ने गुप्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए मादुरो के बेडरूम तक पहुंच बनाई और उन्हें वहीं से बाहर निकाला। यह ऑपरेशन कुछ ही मिनटों में पूरा किया गया। इसके बाद मादुरो और उनकी पत्नी को वेनेजुएला से बाहर ले जाकर अमेरिका भेजा गया, जहां उन पर मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद के गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा।
कराकस में धमाकों की गूंज
शनिवार की सुबह कराकस में कई जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों ने राजधानी के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले में लगभग आधे घंटे के भीतर कम से कम सात धमाके हुए, जिससे एक सैन्य हैंगर से धुआं उठता दिखाई दिया और एक अन्य ठिकाने की बिजली चली गई। हालांकि, हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में अपेक्षाकृत शांति बनी रही।
ट्रंप का बयान
कुछ घंटों बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस अभियान की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया है और न्यूयॉर्क में उन पर मुकदमा चलेगा। ट्रंप ने इसे एक सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई बताया और कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने भारी सुरक्षा बाधाओं को पार करते हुए मिशन को सफल बनाया।
मादुरो पर गंभीर आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में 'नार्को-टेररिज़्म', कोकीन तस्करी की साजिश, मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अभियोग में कहा गया है कि मादुरो की सरकार ने वर्षों तक राज्य शक्ति का उपयोग अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने में किया। अमेरिकी आकलन के अनुसार, 2020 तक वेनेजुएला के रास्ते लगभग 250 टन कोकीन की तस्करी हुई।
वेनेजुएला सरकार की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला सरकार ने इस कार्रवाई को 'साम्राज्यवादी हमला' करार देते हुए अमेरिका पर नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सरकार समर्थक इलाकों में सशस्त्र नागरिक और मिलिशिया सड़कों पर नजर आए। हालांकि, सत्ता हस्तांतरण को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है और उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ की भूमिका पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। कोलंबिया ने संभावित शरणार्थी संकट के मद्देनजर अपनी सीमा पर सेना तैनात कर दी है। अर्जेंटीना ने अमेरिकी कदम का समर्थन किया, जबकि ब्राजील, क्यूबा और रूस ने इसकी कड़ी आलोचना की। यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की है।
वेनेजुएला के भविष्य पर संकट
ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका अब वेनेजुएला के भविष्य में सक्रिय भूमिका निभाएगा, जिसमें उसका तेल क्षेत्र भी शामिल हो सकता है। यह घटना लैटिन अमेरिका में दशकों की सबसे नाटकीय अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है, जिसके दूरगामी राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।