शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बांग्लादेश में बढ़ी राजनीतिक तनाव
शेख हसीना का दिल्ली में मीडिया से संवाद
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत की। यह घटना बांग्लादेश छोड़ने के दो साल बाद हुई, जिसने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल-हसन भी शामिल थे। इसके तुरंत बाद, शाकिब के घर पर बांग्लादेश में पेट्रोल बम से हमला किया गया। बांग्लादेश ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारत ने इस तरह की बयानबाजी के लिए अपनी धरती का उपयोग करने की अनुमति दी, जो दोनों देशों के संबंधों के लिए हानिकारक है। भारत ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और इसका सरकार से कोई संबंध नहीं है.
बांग्लादेश की प्रतिक्रिया
शेख हसीना के बयान के बाद बांग्लादेश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बांग्लादेश ने उन्हें अपराधी और नरसंहार का दोषी करार देते हुए भारत पर भी निशाना साधा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश ने भारत को अपनी चिंताओं से अवगत कराया था और चेतावनी दी थी कि इस कार्यक्रम का द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बांग्लादेश ने यह भी कहा कि शेख हसीना को मीडिया से बात करने की अनुमति देकर भारत ने उनके खिलाफ जहरीले बयानबाजी को बढ़ावा दिया है.
शाकिब अल-हसन पर हमला
क्रिकेटर शाकिब अल-हसन, जो शेख हसीना की पार्टी के नेता भी हैं, पर कई गंभीर आरोप हैं। बुधवार को उन्होंने श्रीलंका से प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया और हसीना का समर्थन किया। इसके बाद, उनके घर पर तोड़फोड़ और पेट्रोल बम से हमला किया गया। जांच की जा रही है कि उस समय शाकिब के घर में कौन-कौन मौजूद था और नुकसान कितना हुआ.
शेख हसीना का संकल्प
इस अवसर पर, शेख हसीना ने कहा, 'मैं जानती हूं कि मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी जान ले सकते हैं। मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए वापस जाऊंगी। मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश को विकास और समृद्धि की ओर ले जाने के लिए है।' उन्होंने कहा कि चाहे उनकी किस्मत में कुछ भी लिखा हो, वह अपने लोगों के बीच रहना चाहती हैं.
बांग्लादेश की स्थिति
शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में डर का माहौल है और यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसे उन्होंने बनाया था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे बांग्लादेश के लोगों के लोकतंत्र और न्याय के संघर्ष में उनके साथ खड़े हों. उनके बेटे सजीब वाजिद जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याएं वैध हो गई हैं और यह देश एक विफल राष्ट्र बन गया है.