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शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई, खतरों का सामना करने को तैयार

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश लौटने की इच्छा व्यक्त की है, भले ही उन्हें खतरों का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है और वे बिना डर के वापस लौटेंगी। हाल ही में, एक ट्रिब्यूनल ने उन्हें 'मानवता के खिलाफ अपराधों' का दोषी ठहराया है। जानें उनके बयान और बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बारे में।
 

शेख हसीना का बांग्लादेश लौटने का निर्णय

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को कहा कि वे अपने देश लौटने के लिए तैयार हैं, भले ही उन्हें खतरों का सामना करना पड़े। एक वर्चुअल संवाद में, हसीना ने साझा किया कि अतीत में उन्हें अपने ही देश में निशाना बनाया गया था, लेकिन वे बिना किसी डर के आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैंने निर्णय ले लिया है... मुझे पता है कि अगर मैं लौटती हूँ, तो वे मुझे मार सकते हैं या गिरफ्तार कर सकते हैं।"


वापसी की जिम्मेदारी और खतरों का सामना

वाशिंगटन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश लौटना उनकी जिम्मेदारी है और इससे जुड़े खतरों से वे नहीं डरेंगी। उन्होंने कहा, "मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाऊंगी। मुझे डर नहीं है। मुझे पता है कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और मुझ पर अत्याचार कर सकते हैं... लेकिन वापस जाना मेरी जिम्मेदारी है।" हालांकि, उन्होंने अपनी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।


मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप

उनके ये बयान उस समय आए हैं जब बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में एक ट्रिब्यूनल कोर्ट ने उन्हें 'मानवता के खिलाफ अपराधों' का दोषी ठहराया है। अवामी लीग की प्रमुख को विरोध प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से दबाने के दौरान बड़े पैमाने पर हत्याओं को बढ़ावा देने का दोषी पाया गया और उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।


साजीब वाजेद जॉय की उपस्थिति

अमेरिका में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय भी मौजूद थे। बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए, जॉय ने 'एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग' और हसीना के सत्ता से हटने के बाद अवामी लीग के नेताओं को जेल में डालने की कड़ी निंदा की। हसीना की अवामी लीग सरकार के बाद, वह अगस्त 2024 से भारत में स्वनिर्वासित जीवन बिता रही हैं।