सऊदी अरब और हूतियों के बीच मक्का-मदीना पर तनाव: क्या है सच?
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच, सऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच आरोपों का दौर तेज हो गया है। सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि हूतियों ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों, मक्का और मदीना, को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हालांकि, सऊदी एयर डिफेंस ने इन मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। दूसरी ओर, हूतियों ने इन शहरों पर हमले के आरोपों को खारिज करते हुए सऊदी अरब के अन्य ठिकानों पर हमले करने की बात स्वीकार की है।
सऊदी अरब का दावा और हूतियों का इनकार
सऊदी अरब के अनुसार, हूतियों ने मक्का और मदीना पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें एयर डिफेंस ने रोक लिया। हालांकि, गिरते मलबे से कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा। सऊदी सिविल डिफेंस के जनरल डायरेक्टरेट ने X पर जानकारी दी कि मक्का और मदीना में 'आतंकवादी हूथी मिलिशिया' की मिसाइलों के इंटरसेप्शन से गिरे मलबे पर कार्रवाई की जा रही है।
हूतियों का इनकार, पर हमलों की स्वीकार्यता
हूतियों ने पवित्र शहरों को निशाना बनाने से इनकार किया, लेकिन उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ नए हमलों की पुष्टि की। उनके अनुसार, रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित तीन एयरपोर्ट, एक ऊर्जा संयंत्र, एक पाइपलाइन और एक एयर बेस को निशाना बनाया गया। हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि सऊदी दुश्मन का यह दावा कि उनकी सेना मक्का और मदीना को टारगेट कर रही है, एक बड़ा झूठ है।
रियाद एयरपोर्ट पर उड़ानों की बहाली
रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बार-बार हुए हमलों के कारण सऊदी अधिकारियों को संचालन बंद करना पड़ा था। अब अधिकारियों ने घोषणा की है कि रविवार से सामान्य उड़ानें फिर से शुरू होंगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की जानकारी पक्की कर लें।
एयरपोर्ट के बयान के अनुसार, रविवार 25 अक्टूबर 2026 से टर्मिनल 1 घरेलू उड़ानों के लिए और टर्मिनल 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए निर्धारित रहेगा। कन्फर्म बुकिंग वाले यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से बुकिंग और फ्लाइट की स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है।
घातक हमले की पुनरावृत्ति
इस महीने की शुरुआत में रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में 13 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा था। इसी हफ्ते अमेरिका ने हूती खतरे के मद्देनजर सऊदी अरब में गैर-जरूरी दूतावास कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया।
रियाद उस सैन्य गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है, जिसने 2015 में यमन की लड़ाई में पहली बार दखल दिया था। यह संघर्ष यमन को तबाह कर चुका है और दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक उत्पन्न कर चुका है। पिछले महीने हूतियों के अचानक हमले ने पूरे लाल सागर तट पर तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्र अस्थिर हो गया है और तेल बाजारों में रुकावट आई है।