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सऊदी अरब और हूती संघर्ष में तुर्की-पाकिस्तान की संभावित भागीदारी

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष में तुर्की और पाकिस्तान की संभावित भागीदारी पर चर्चा हो रही है। हाल ही में न्यूयॉर्क में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ मक्का रक्षा समझौते पर प्रगति की समीक्षा की। इसके बाद सैन्य प्रमुखों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मक्का रक्षा समझौते को लागू करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, दोनों देश संघर्ष में शामिल होने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि यदि वे युद्ध का हिस्सा बनते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
 

संघर्ष का नया चरण

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच चल रहा संघर्ष अब एक नए चरण में प्रवेश करने वाला है। हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तुर्की और पाकिस्तान इस संघर्ष में शामिल होने के लिए तैयार हो रहे हैं।


महत्वपूर्ण बैठकें

24 सितंबर को न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात की। इस बैठक में मक्का रक्षा समझौते के तहत महासचिव सचिवालय, समितियों और कार्य समूहों की स्थापना पर चर्चा की गई। इसके बाद सैन्य प्रमुखों की बैठक का आयोजन किया गया।


सैन्य प्रमुखों की बैठक

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और तुर्की के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल सेलचुक बायराकतारोग्लू रियाद में होने वाली बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में सऊदी सेना के प्रमुख से उनकी मुलाकात होगी और मक्का रक्षा समझौते को लागू करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।


आपातकालीन बैठक का आयोजन

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह सैन्य बैठक आपात स्थिति में बुलाई गई है। सऊदी अरब ने अपने सहयोगी देशों से इस बैठक का आयोजन करने का अनुरोध किया था। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मक्का रक्षा समझौते के तहत समर्थन के तरीकों की खोज के लिए एक आपातकालीन बैठक की व्यवस्था की गई।


समझौते की स्थिति

पाकिस्तान और तुर्की के विदेश मंत्रालयों ने सऊदी अरब को समर्थन देने का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उन्होंने तकनीकी वार्ताओं और समझौते को संस्थागत बनाने की दिशा में चल रही समीक्षा का जिक्र किया।


हूती विद्रोहियों का खतरा

पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को मक्का में सऊदी अरब के साथ मिलकर मक्का रक्षा समझौता किया था। हाल ही में, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमलों का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। दोनों देशों को संघर्ष में शामिल होने का डर है, जैसा कि हूती विद्रोहियों के सदस्य मोहम्मद अल-बुखैती ने चेतावनी दी थी।