सऊदी अरब का F-15 लड़ाकू विमान गिराने का दावा, इजराइल की भूमिका पर सवाल
सऊदी अरब का F-15 विमान गिराया गया
एक छोटे विद्रोही समूह ने सऊदी अरब के F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। इस घटना के बाद विद्रोही उस विमान के मलबे पर जश्न मनाते हुए नजर आए, जहां वे सऊदी झंडा दिखा रहे थे और विमान के नंबर को भी प्रदर्शित कर रहे थे। इस घटना के साथ ही रूस के संदर्भ में एक बड़ा दावा भी सामने आया है, जिस पर आगे चर्चा की जाएगी।
सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प सवाल उठाया गया है कि भारत और अन्य देशों में कट्टरपंथी और फर्जी बुद्धिजीवी आरएसएस को गालियां देते हैं, जबकि इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का पर हमला करने वाले मुस्लिम ही हैं।
इजराइल की भूमिका पर चर्चा
इजराइल के नागरिकों ने इस्लाम के पवित्र स्थल मक्का की सुरक्षा का दावा करते हुए कहा है कि सऊदी अरब ने उनकी मदद मांगी थी। इजराइल ने इस संदर्भ में खुफिया जानकारी भी प्रदान की। जब अन्य देशों ने मक्का पर हो रहे हमलों पर चुप्पी साध ली, तब इजराइल ने मक्का की रक्षा के लिए कदम उठाया।
सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि शिया संगठन हूती ने मक्का पर हमला किया, जबकि हूती विद्रोहियों ने कहा कि यह हमला सऊदी अरब की रॉयल फैमिली द्वारा करवाया गया था। विद्रोहियों ने एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है और इसके मलबे का वीडियो भी जारी किया है।
रूस का संदर्भ
इस घटना के संदर्भ में रूस का नाम भी लिया गया है। एक अमेरिकी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के एक हमले से दो दिन पहले रूस के 14 जासूसी सेटेलाइट सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के ऊपर से गुजरे थे। इस रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने ईरान को उन स्थानों के कोऑर्डिनेट्स दिए थे जहां अमेरिकी एयर बेस स्थित थे।