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सऊदी अरब का मक्का पैक्ट: यमन में अंसारुल्ला के खिलाफ नई सैन्य तैनाती

सऊदी अरब का मक्का पैक्ट अब सक्रिय हो गया है, जिसके तहत तुर्की और पाकिस्तान की सेनाएं यमन में अंसारुल्ला के खिलाफ लड़ाई में शामिल होंगी। हाल के घटनाक्रमों में, यमनी सरकारी सेना ने बाब अल मंदब के पास अंसारुल्ला को पीछे धकेलने का दावा किया है, जबकि अंसारुल्ला ने इन दावों को खारिज किया है। इस बीच, रियाद में मक्का रक्षा समझौते की आपात बैठक में सामूहिक रक्षा तंत्र को सक्रिय करने पर सहमति बनी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक।
 

सऊदी अरब का मक्का पैक्ट सक्रिय

सऊदी अरब का मक्का पैक्ट अब क्रियाशील हो गया है। इसके तहत, यमन के अंसारुल्ला के खिलाफ सहायता के लिए तुर्की और पाकिस्तान की सेनाएं सऊदी अरब में तैनात होंगी। पाकिस्तानी सैनिक पहले से ही सऊदी में मौजूद हैं, लेकिन अब वे मक्का डिफेंस डील के तहत अंसारुल्ला का सामना करेंगे। हालाँकि, यह देखना महत्वपूर्ण है कि यमन में अंसारुल्ला के खिलाफ लड़ने वाली सेनाएँ किस प्रकार की हैं। पिछले 48 घंटों में, सऊदी समर्थक बलों ने यमन में भारी बमबारी की है, जिसमें अंसारुल्ला के ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया गया है। फिर भी, अंसारुल्ला जमीन पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यमन की सरकारी सेना किस सरकार के अधीन काम कर रही है, यह स्पष्ट नहीं है।


यमन में राजनीतिक स्थिति

यमन के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल रब मंसूर हादी, जो हूतियों के नियंत्रण के बाद सऊदी अरब भाग गए थे, अब निधन हो चुके हैं। इस स्थिति में, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकारी सेना और उसके सहयोगियों में राष्ट्रपति राशिद अल अलीमी के नेतृत्व वाली यमनी सेना शामिल है। यमनी सेना एकल बल नहीं है, बल्कि इसमें कई स्थानीय मिलिशिया, सऊदी रॉयल फोर्स के जवान, कबायली लड़ाके और भाड़े के सैनिक शामिल हैं। आरोप है कि प्रो-सऊदी बलों में सीरिया से आए आईएसआईएस के आतंकवादियों को भी अंसारुल्ला के खिलाफ लड़ने के लिए लाया गया है।


युद्ध की स्थिति

यमन में अंसारुल्ला लगातार सफलताएँ प्राप्त कर रहा है, जबकि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यमनी सरकारी सेना ने सऊदी हवाई हमलों के सहारे बाब अल मंदब के पास अंसारुल्ला को पीछे धकेलना शुरू कर दिया है। हालांकि, अंसारुल्ला ने इन दावों को खारिज किया है और जवाबी हमलों की तैयारी की बात कही है। यमन के सरकारी गठबंधन ने मोखा शहर पर फिर से नियंत्रण प्राप्त कर लिया है, जहाँ अंसारुल्ला का पिछले महीने से कब्जा था। यह क्षेत्र बाब अल मंदब के निकट स्थित है, जो यह दर्शाता है कि अंसारुल्ला की पकड़ कमजोर हो रही है।


मक्का रक्षा समझौते की बैठक

सोमवार को रियाद में मक्का रक्षा समझौते की आपात बैठक हुई, जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने सामूहिक रक्षा तंत्र को सक्रिय करने और सऊदी अरब में सैनिकों की तेजी से तैनाती पर सहमति जताई। हालांकि, तुर्की और पाकिस्तान की शर्त है कि उनकी सेनाएँ केवल सऊदी अरब में तैनात होंगी और यमन में लड़ाई में शामिल नहीं होंगी। इसका मतलब है कि वे हूतियों के हमलों का जवाब केवल सऊदी अरब से देंगे।