सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन अस्थायी रूप से बंद, बढ़ सकती हैं कीमतें
सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन का अस्थायी बंद
सऊदी अरब ने अब्कैक से यानबू बंदरगाह तक जाने वाली अपनी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। यह निर्णय रियाद और मदीना क्षेत्र में पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमलों के बाद लिया गया। यह पाइपलाइन लगभग 1200 किलोमीटर लंबी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण सऊदी अरब ने इसी के माध्यम से अपने अधिकांश तेल का निर्यात किया है।
ड्रोन हमलों की जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाइपलाइन पर ड्रोन हमले इराक से किए गए थे। इराक की सरकार ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है, लेकिन अभी तक किसी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। खबरों के मुताबिक, पाइपलाइन के 100 किलोमीटर हिस्से पर बमबारी के बाद धुएं का गुबार देखा गया है, जिससे पाइपलाइन के संचालन में बाधा आई है।
तेल निर्यात पर प्रभाव
अब्कैक-यानबू पाइपलाइन का संचालन सऊदी अरब की सरकारी कंपनी अरामको द्वारा किया जाता है। पाइपलाइन के बंद होने से रियाद का तेल निर्यात प्रभावित हुआ है। सऊदी अरब अब होर्मुज के आसपास के तेल को यानबू पोर्ट तक नहीं पहुंचा पाएगा, जिससे उसे अपने पश्चिमी तट से अधिक तेल निकालना पड़ेगा। हालांकि, लाल सागर तट पर हूती विद्रोहियों की मौजूदगी से चुनौतियां बढ़ गई हैं।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर
बाजार से गायब हो जाएगा 5 फीसद तेल
रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब इस पाइपलाइन के माध्यम से प्रतिदिन चार से पांच मिलियन बैरल तेल का परिवहन करता था, जो वैश्विक आपूर्ति का 4 से 5 प्रतिशत है। पाइपलाइन के बंद होने से तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं।
सऊदी अरब की चुनौतियाँ
दो मोर्चों पर घिरा सऊदी अरब
घरेलू मोर्चे के अलावा, लाल सागर में भी सऊदी अरब की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में हूती विद्रोही मजबूत हो गए हैं और उनका कहना है कि वे सऊदी अरब के खिलाफ अपनी नाकेबंदी जारी रखेंगे। रियाद ने हूतियों के खिलाफ अमेरिका से मदद मांगी, लेकिन अमेरिका ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। मक्का रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान और तुर्की से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला है। अब सऊदी अरब न केवल इराक और यमन के मोर्चे पर घिर गया है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अलग-थलग पड़ गया है।