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सऊदी अरब के परमाणु हथियारों की योजना: अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

एक नई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब ने परमाणु हथियार बनाने की योजना को समाप्त नहीं किया है। यह जानकारी उस समय आई है जब अमेरिका और सऊदी अरब के बीच अरबों डॉलर की नागरिक परमाणु डील की योजना है। रिपोर्ट में इस डील के संभावित खतरों का उल्लेख किया गया है, जिसमें यूरेनियम समृद्धि की सीमाएं और अंतरराष्ट्रीय जांच की कमी शामिल हैं। क्या यह डील मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों की दौड़ को बढ़ावा देगी? जानें पूरी कहानी में।
 

सऊदी अरब की परमाणु योजनाओं पर नई रिपोर्ट


नई दिल्ली: सऊदी अरब के बारे में एक नई और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सऊदी अरब ने परमाणु हथियार बनाने की अपनी योजना को अभी तक समाप्त नहीं किया है। यह जानकारी अमेरिकी संसद को प्रस्तुत की गई एक गोपनीय रिपोर्ट में दी गई है, जिसका खुलासा वॉशिंगटन ने किया है।


सऊदी अरब और अमेरिका के बीच नागरिक परमाणु डील

यह रिपोर्ट उस समय आई है जब अमेरिका और सऊदी अरब के बीच अरबों डॉलर की नागरिक परमाणु डील की योजना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस डील को लेकर काफी उत्साहित हैं, जिसमें अमेरिकी कंपनियां सऊदी अरब में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगी।


खुफिया रिपोर्ट का प्रभाव

खुफिया रिपोर्ट के बाद क्या होगा?


ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह डील दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करेगी और सऊदी अरब को रूस और चीन जैसी देशों पर निर्भर नहीं रहने देगी। हालांकि, इस खुफिया रिपोर्ट के बाद कई अमेरिकी सांसदों ने इस डील पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्हें चिंता है कि नागरिक कार्यक्रम के नाम पर सऊदी अरब परमाणु बम बनाने की दिशा में बढ़ रहा है।


डील की चिंताजनक बातें

डील के खतरनाक पहलू


इस डील से जुड़ी पांच प्रमुख चिंताएं सामने आई हैं। पहली, समझौते में कहा गया है कि प्रारंभ में यूरेनियम को केवल 5% तक समृद्ध किया जाएगा, लेकिन बाद में इसे 20% तक बढ़ाने की अनुमति मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह 20% तक पहुंच गया, तो इसे 90% तक ले जाना आसान होगा, जो कि हथियार बनाने के लिए आवश्यक है।


दूसरी चिंता यह है कि इस डील में IAEA के अतिरिक्त प्रोटोकॉल को अनिवार्य नहीं किया गया है, जिसका अर्थ है कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी सऊदी अरब के सभी परमाणु स्थलों की अचानक जांच नहीं कर सकेगी।


डील पर रोक की संभावना

विरोध के चलते डील पर रोक लग सकती है


तीसरी चिंता यह है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि यदि ईरान परमाणु बम बनाता है, तो सऊदी भी पीछे नहीं रहेगा। इससे मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों की दौड़ शुरू होने का खतरा है। इस मुद्दे पर डेमोक्रेटिक सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखा है। सांसदों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन सुरक्षा मानकों से समझौता कर रहा है। वर्तमान में यह डील कांग्रेस में 90 दिनों की समीक्षा प्रक्रिया में है, और यदि विरोध करने वाले सांसदों को बहुमत मिल गया, तो इस डील पर रोक लग सकती है।