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सऊदी अरब पर बैलिस्टिक मिसाइलों का हमला: हूती विद्रोहियों का दावा

सऊदी अरब के लाल सागर में स्थित यान्बू बंदरगाह और ताइफ पर बैलिस्टिक मिसाइलों का हमला हुआ, जिसे सऊदी सेना ने रोक दिया। हूती विद्रोहियों ने इस हमले का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने खतरे को टलने की जानकारी दी है। यह घटना वैश्विक बाजारों में चिंता का कारण बनी है, खासकर जब यमन की सरकार संयुक्त राष्ट्र में वार्षिक बैठक में भाग लेने की तैयारी कर रही है। जानें इस संघर्ष के पीछे की कहानी और इसके मानवीय प्रभाव।
 

सऊदी अरब में बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रयास विफल

सऊदी अरब के लाल सागर में स्थित यान्बू बंदरगाह और ताइफ शहर पर दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को सऊदी सेना ने सफलतापूर्वक रोक दिया है। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि इस हमले के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हाथ है। हूती विद्रोहियों ने बाद में सऊदी अरब के जजान प्रांत पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागने का दावा किया।


हूतियों के हमले की बढ़ती चिंताएँ

हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों पर रियाद और अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाने के प्रयासों के आरोप लगे हैं। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने नागरिक सुरक्षा अधिकारियों की चेतावनियों के बाद यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि खतरा अब टल चुका है।


वैश्विक बाजारों पर असर

लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के निकट जारी संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में चिंता पैदा कर दी है। हूती विद्रोही सऊदी अरब की नाकेबंदी की कोशिश कर रहे हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक है। यह हमला उस समय हुआ है जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं की वार्षिक बैठक में भाग लेने की तैयारी कर रही है।


यमन में बढ़ता मानवीय संकट

ईरान और सऊदी अरब के बीच चल रहे संघर्ष ने यमन को फिर से गृहयुद्ध की ओर धकेल दिया है, जो चार साल की शांति के बाद हो रहा है। इस लड़ाई के कारण 1.25 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और मानवीय संकट गहरा गया है। सऊदी अरब ने अपने सहयोगियों से सैन्य सहायता मांगी है, जबकि अमेरिका ने इस संघर्ष से दूर रहने के संकेत दिए हैं।


हूतियों का बयान

हूती विद्रोही यह दावा करते हैं कि उनका निशाना केवल सऊदी अरब है और वे लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को कोई खतरा नहीं मानते। हालांकि, उन्होंने अन्य देशों को संघर्ष में शामिल होने से चेतावनी दी है।