सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों का हमला: शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की मौजूदगी में बढ़ा तनाव
सऊदी अरब में बढ़ते तनाव का कारण
नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की सऊदी अरब यात्रा के दौरान हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। यमन से सटे सऊदी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग किया गया, जिससे सऊदी-पाकिस्तान रक्षा सहयोग पर सवाल उठने लगे हैं।
यमन में सैन्य ठिकानों पर हमले की जानकारी
यमन में सैन्य ठिकानों पर भी हमला
गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने यमन के मारिब और हदरमौत प्रांतों में सरकारी बलों के ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे लगभग 30 सैनिकों की जान गई और 50 से अधिक लोग घायल हुए। हूती संगठन ने दावा किया कि उसने सऊदी समर्थित बलों को लक्ष्य बनाया।
सऊदी अरब में नागरिकों पर हमले
इसके बाद, सऊदी अरब के दक्षिणी नजरान क्षेत्र में भी हमले की सूचना मिली, जहां नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया। इस हमले में 10 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें एक चार साल का बच्चा और विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते पर सवाल
सऊदी-पाकिस्तान डिफेंस डील पर सवाल
हूती विद्रोहियों का यह हमला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर उस समय सऊदी अरब में थे। पिछले साल, दोनों देशों के बीच एक रक्षा समझौता हुआ था, जिसमें कहा गया था कि एक देश पर हमला दोनों के खिलाफ माना जाएगा। ऐसे में सऊदी क्षेत्र में हुआ यह हमला पाकिस्तान के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन गया है।
सऊदी अरब में सुरक्षा चिंताएँ
सऊदी में बढ़ी सुरक्षा की चिंता
हाल की घटनाओं के बाद, सऊदी अरब में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। रिपोर्टों में यह आशंका जताई गई है कि हूती विद्रोही आगे तेल प्रतिष्ठानों, एयरपोर्ट, बंदरगाह और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। सऊदी अरब ने किसी भी संभावित हमले का जवाब देने की तैयारी तेज कर दी है।
इस बीच, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की यात्रा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सऊदी और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं।