सलीम डोला की गिरफ्तारी: भारत में ड्रग्स के कारोबार का बड़ा मास्टरमाइंड पकड़ा गया
सलीम डोला की गिरफ्तारी
भारत में सिंथेटिक ड्रग्स के व्यापार में संलिप्त प्रमुख मास्टरमाइंड और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगी सलीम डोला को इस्तांबुल, तुर्की में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर तुर्की की खुफिया एजेंसी (MIT) और स्थानीय पुलिस के संयुक्त प्रयास से की गई। डोला की गिरफ्तारी मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो लंबे समय से इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर की खोज में थी।
डोला का प्रारंभिक जीवन
सलीम डोला का प्रारंभिक जीवन मुंबई के भायखला की संकरी गलियों में बीता। एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे डोला ने पहले मुंबई और दिल्ली में गुटखा सप्लाई का काम किया, लेकिन अपराध की दुनिया की ओर आकर्षित होकर वह अंडरवर्ल्ड से जुड़ गया। यहीं उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर छोटा शकील से हुई, जिसके बाद उसने दाऊद इब्राहिम के गैंग के लिए ड्रग सिंडिकेट का विस्तार करना शुरू किया।
गुटखा से सिंथेटिक ड्रग्स तक का सफर
सलीम डोला का आपराधिक सफर गुटखा सप्लाई से शुरू होकर गांजे की तस्करी तक पहुंचा। 2012 में उसे 80 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसने लगभग पांच साल जेल में बिताए। जेल से रिहा होने के बाद, उसने और भी खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स की ओर रुख किया और फरार ड्रग माफिया कैलाश राजपूत के साथ मिलकर 'बटन' जैसे घातक ड्रग्स का निर्माण करने का कारखाना स्थापित किया।
विदेश में भागना
2018 में सलीम डोला को सांताक्रूज से 100 किलो फेंटानिल के साथ पकड़ा गया था, लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट में ड्रग की पुष्टि न होने के कारण उसे जल्दी ही जमानत मिल गई। जेल से बाहर आते ही वह UAE भाग गया, जहां उसने न केवल अपने बेटे के लिए रियल एस्टेट का व्यवसाय शुरू किया, बल्कि एक नए नाम से UAE का पासपोर्ट भी प्राप्त किया। इसी फर्जी पहचान के सहारे वह तुर्की पहुंचा, जहां अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
भारत लाने की योजना
सलीम डोला को भारत लाना मुंबई पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। चूंकि भारत और तुर्की के बीच कोई सीधी प्रत्यर्पण संधि नहीं है, सुरक्षा एजेंसियां एक विशेष रणनीति पर काम कर रही हैं। डोला के पास UAE का पासपोर्ट है, इसलिए भारत सरकार उसे UAE के माध्यम से वापस लाने का प्रयास करेगी। अधिकारियों का मानना है कि डोला की वापसी से अंडरवर्ल्ड के ड्रग नेटवर्क और दाऊद के आर्थिक स्रोतों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।