स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल संकट: क्या दुनिया एक बार फिर ऊर्जा लॉकडाउन की ओर बढ़ रही है?
तेल आपूर्ति में भारी गिरावट
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का आवागमन लगभग ठप हो गया है। इस संकरे मार्ग से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, जिसके बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें $112 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि अमेरिका में गैसोलीन की कीमत $5 प्रति गैलन तक बढ़ गई है। इससे ट्रांसपोर्ट की लागत में वृद्धि हो रही है, जिससे वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं और कई देशों में फ्यूल राशनिंग लागू हो चुकी है।
कोविड जैसी स्थिति का सामना
यह स्थिति कोविड-19 के लॉकडाउन के समय की याद दिला रही है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने 'Sheltering from Oil Shocks' नामक एक 10 सूत्रीय योजना जारी की है, जिसमें स्पीड लिमिट कम करने, हवाई यात्रा में कटौती करने और घर से काम करने जैसे उपाय शामिल हैं। एशिया और अन्य क्षेत्रों में पहले से ही राशनिंग और यात्रा प्रतिबंध लागू हो चुके हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का आवागमन ठप
ईरान के युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टैंकर ट्रैफिक 95 प्रतिशत तक गिर गया है। पहले जहां रोजाना 100 से अधिक जहाज गुजरते थे, अब मुश्किल से 4-6 जहाज ही पार कर पा रहे हैं। ईरानी हमलों और खतरों के चलते जहाज कंपनियां अपने मार्ग बदल रही हैं, जिससे तेल की आपूर्ति में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है।
तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड की कीमत $112 प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि WTI भी $98-100 के आसपास कारोबार कर रहा है। अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें $5 प्रति गैलन हो गई हैं। ट्रांसपोर्ट खर्च में वृद्धि के कारण दुकानों में हर सामान महंगा हो रहा है। खाद्य उत्पादन के लिए आवश्यक फर्टिलाइजर भी प्रभावित हो रहा है, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का खतरा बढ़ गया है।
एयरलाइंस उड़ानें कम कर रही हैं
यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस सप्ताह 5 प्रतिशत उड़ानें कम कर दी हैं। अन्य एयरलाइंस भी अपनी क्षमता घटा रही हैं। कई सरकारें बेवजह यात्रा कम करने की अपील कर रही हैं, जो कोविड लॉकडाउन के समय की भाषा की याद दिलाती है। केवल आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है।
दुनिया भर में फ्यूल राशनिंग
जापान में फ्यूल राशनिंग और एनर्जी वाउचर बांटे जा रहे हैं।
दक्षिण कोरिया में भी राशनिंग चल रही है।
बांग्लादेश, फिलीपींस और श्रीलंका में पेट्रोल के लिए लंबी कतारें लग रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया सरकार गैर-जरूरी यात्राएं कम करने की सलाह दे रही है।
भारत में 80 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से आता है, जबकि पाकिस्तान पहले से ही संकट में है।
एनर्जी लॉकडाउन का ब्लूप्रिंट
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने 'Sheltering from Oil Shocks' योजना में सरकारों को सुझाव दिए हैं, जैसे कि: लाइसेंस प्लेट के आधार पर दिन तय करना, हर हाईवे पर स्पीड लिमिट कम करना, हवाई यात्रा में कटौती करना, गैस चूल्हे की जगह इलेक्ट्रिक चूल्हा इस्तेमाल करना, और जहां संभव हो घर से काम करना। यह योजना मांग को कम करके तेल संकट से निपटने का प्रयास है, लेकिन कई देश पहले से ही ऐसे कदम उठा चुके हैं।