स्पेन ने अमेरिका के सैन्य विमानों को ईरान पर हमले के लिए हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोका
स्पेन ने अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोकने का निर्णय लिया है। यह कदम नाटो का सहयोगी होने के नाते उठाया गया है। स्पेनिश सरकार ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस निर्णय के पीछे अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई का खतरा है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और स्पेन के दृढ़ रुख के पीछे की वजह।
Mar 31, 2026, 12:10 IST
स्पेन का ऐतिहासिक निर्णय
स्पेन ने अमेरिका को एक महत्वपूर्ण संदेश भेजा है, जब उसने ईरान पर संभावित हमले के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोकने का निर्णय लिया। यह कदम नाटो का एक सहयोगी देश होने के नाते उठाया गया है। स्पेनिश सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान पर हमले के लिए जा रहे किसी भी अमेरिकी विमान को स्पेन के हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, स्पेन के संयुक्त सैन्य ठिकानों, जैसे रोटा नौसेना बेस और मॉरेन एयरबेस का उपयोग भी नहीं किया जाएगा। इस खबर को स्पेनिश अखबार एल पाइस ने प्रकाशित किया, जिसके बाद यह वैश्विक मीडिया में चर्चा का विषय बन गया।
अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव
जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत की घोषणा की, उसके बाद मार्च की शुरुआत में स्पेन का यह निर्णय आया। अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों का उपयोग करके ईरान पर हमले की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन स्पेन ने अपनी वायु सीमा का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी। अमेरिकी लड़ाकू विमान जैसे F-15, F-35, B-52 और टैंकर विमान ट्रांस अटलांटिक रूट से गुजरते हैं, जिसमें स्पेन का रोटा और मॉरेन बेस महत्वपूर्ण हैं। ये विमान यहां रिफ्यूलिंग करते हैं और फिर भूमध्य सागर पार कर मध्य पूर्व पहुंचते हैं।
स्पेन का दृढ़ रुख
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बोरेस ने कहा कि संयुक्त बेस का उपयोग यूएन चार्टर और स्पेन-अमेरिका समझौतों के खिलाफ किसी भी कार्य के लिए नहीं किया जाएगा। 30 मार्च 2026 को स्पेन ने फिर से दोहराया कि न तो हवाई क्षेत्र की अनुमति है और न ही बेस का उपयोग। रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्स ने स्पष्ट किया कि वे सैन्य ठिकानों का उपयोग नहीं करने देंगे। पीएम पेड्रो सांचेज ने भी अमेरिका और इजराइल के हमलों को गैरकानूनी बताया है। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिकी विमानों को अब जर्मनी, इटली या पुर्तगाल के रास्ते जाना पड़ रहा है, जो कि महंगा और लंबा है। ट्रंप ने स्पेन के साथ व्यापार संबंध तोड़ने की धमकी दी, लेकिन स्पेन ने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया।