स्पेन में भीषण आग से 70,000 लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर
स्पेन के मैड्रिड में लगी भीषण आग ने 70,000 लोगों को अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने राहत कार्यों की जानकारी दी है, जबकि स्थानीय अधिकारियों ने इसे क्षेत्र की सबसे भयानक आग बताया है। आग के धुएं ने मैड्रिड के आसमान को ढक लिया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। प्रभावित लोगों को अस्थाई शेल्टर होम में ठहराया गया है। जानें इस आपदा के बारे में और क्या हो रहा है।
Jul 26, 2026, 12:40 IST
आग पर नियंत्रण पाने की कोशिशें जारी
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने शनिवार को जानकारी दी कि मैड्रिड के पश्चिमी क्षेत्र में लगी भीषण आग को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दमकलकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। तेज हवाओं के कारण राहत कार्यों में और कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
70,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सूखे क्षेत्रों में फैली इस आग के कारण लगभग 70,000 लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने इसे क्षेत्र के इतिहास की सबसे भयानक आग बताया है।
आने वाले घंटे चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं
पीएम सांचेज ने प्रभावित क्षेत्र सेनिसीएंटोस गांव का दौरा करते हुए कहा, "हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और रिहाइशी क्षेत्रों की सुरक्षा करना है।" उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले कुछ घंटे कठिन हो सकते हैं, भले ही तापमान में थोड़ी कमी आई हो, लेकिन हवा की गति और दिशा अभी भी अनिश्चित है।
तबाही का मंजर
ब्रुनेट शहर की मेयर मार निकोलस ने हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "इस क्षेत्र में हर साल आग लगती है, लेकिन इस बार स्थिति बेहद गंभीर है। यह एक बड़ी तबाही है।"
मैड्रिड में धुएं का असर
आग का धुआं इतना घना है कि मैड्रिड के पश्चिमी हिस्से का आसमान धुएं से भर गया है। सुबह-सुबह सेंट्रल मैड्रिड की सड़कों पर जलने की गंध फैलने लगी, जिससे लोगों को गले में खराश महसूस होने लगी और उन्हें खिड़कियां बंद करनी पड़ीं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर लोगों को बाहर न निकलने की सलाह दी है।
शेल्टर होम में रह रहे लोग
आसपास के गांवों से निकाले गए हजारों लोगों को अस्थाई शेल्टर होम में ठहराया गया है। पेरू की निवासी 38 वर्षीय जैकलीन विलाफ्रांका ने बताया कि जब फोन पर आग का इमरजेंसी अलर्ट बजा, तो उन्हें लगा कि उनका घर और सब कुछ जलकर राख हो जाएगा।