हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर पनडुब्बी हमला: 101 लापता, श्रीलंका ने शुरू किया बचाव अभियान
हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा पर संकट
नई दिल्ली: हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक गंभीर घटना सामने आई है। श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत 'आईरिस डेना' पर एक घातक पनडुब्बी हमले की सूचना मिली है, जिसमें जहाज पर सवार 180 लोगों में से 101 लोग लापता हो गए हैं। श्रीलंकाई नौसेना ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान अपने नेतृत्व परिवर्तन और हिज्बुल्लाह की सैन्य गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बना हुआ है।
ईरानी युद्धपोत पर पनडुब्बी हमला
श्रीलंका के तट से दूर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में ईरानी फ्रिगेट आईरिस डेना पर हुए पनडुब्बी हमले ने सभी को चौंका दिया है। बुधवार को श्रीलंकाई नौसेना और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की कि इस हमले के बाद जहाज समुद्र में डूबने लगा। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर कुल 180 लोग सवार थे, जिनमें से कम से कम 101 लोग अब भी लापता हैं। इस हमले के पीछे कौन है, इसकी जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है।
श्रीलंका का बचाव अभियान
हमले की सूचना मिलते ही श्रीलंका सरकार ने तत्परता दिखाई और अपने बचाव दलों को मौके पर भेजा। इस साहसी अभियान में अब तक लगभग 30 से 35 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें से 78 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें श्रीलंका के दक्षिणी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लापता लोगों की खोज के लिए नौसेना के गोताखोर और गश्ती जहाज लगातार समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी
ईरान में सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी तस्नीम द्वारा जारी एक वीडियो में कहा कि देश में नेतृत्व का कोई संकट नहीं है। वर्तमान में 'लीडरशिप काउंसिल' शासन का संचालन कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही देश के लिए एक नए 'सुप्रीम लीडर' का नाम घोषित किया जाएगा। इस खबर से ईरानी जनता के बीच व्याप्त अनिश्चितता को कम करने का प्रयास किया गया है।
हिज्बुल्लाह का इजरायली ठिकानों पर हमला
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच हिज्बुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ अपनी कार्रवाइयां और तेज कर दी हैं। संगठन ने दावा किया कि मंगलवार रात उन्होंने मध्य इजरायल स्थित एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के मुख्यालय पर ड्रोन से हमला किया। इसके अलावा, हिज्बुल्लाह ने एक ड्रोन कंट्रोल बेस को निशाना बनाकर शक्तिशाली मिसाइलें भी दागी हैं। इन हमलों ने इजरायली सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रहने को मजबूर कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की आंच और भड़क गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ते खतरे
ईरानी युद्धपोत पर हुए इस हमले और इजरायल-हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ते टकराव ने हिंद महासागर और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पनडुब्बी हमले की गंभीरता को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि युद्ध अब नए समुद्री मोर्चों पर फैल सकता है। श्रीलंका और ईरान के बीच इस घटना को लेकर लगातार कूटनीतिक बातचीत जारी है। दुनिया भर के देश इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि वैश्विक शांति और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखा जा सके।