हिलेरी क्लिंटन ने जेफरी एपस्टीन मामले में दी सफाई, ट्रंप पर भी साधा निशाना
हिलेरी क्लिंटन का बयान
नई दिल्ली: अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर जेफरी एपस्टीन का मामला चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को अमेरिकी हाउस की कमेटी के समक्ष पेश होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका एपस्टीन से कोई संबंध नहीं रहा और न ही उन्हें उसके आपराधिक मामलों की जानकारी है। एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और उसके प्रभावशाली संपर्कों पर वाशिंगटन में लंबे समय से बहस चल रही है।
रिपब्लिकन पार्टी द्वारा संचालित अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी सेक्स ट्रैफिकिंग कांड और एपस्टीन के नेटवर्क की जांच कर रही है। इसी संदर्भ में हिलेरी क्लिंटन को समन भेजा गया था। कमेटी को संदेह था कि उनके पास मामले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। न्यूयॉर्क के चैपक्वा से दिए गए अपने बयान में हिलेरी ने कहा कि उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया था कि उन्हें न तो एपस्टीन के कामकाज की जानकारी है और न ही उसकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल से जुड़ी किसी गतिविधि का ज्ञान है।
'मैंने कभी मुलाकात नहीं की'
हिलेरी क्लिंटन ने दोहराया कि उन्हें याद नहीं कि उन्होंने कभी एपस्टीन से मुलाकात की हो। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो उसके निजी विमान में यात्रा की और न ही उसके द्वीप, घर या कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने कहा कि उनके पास इस मामले में जोड़ने के लिए कुछ भी नहीं है। उनका यह भी कहना था कि कमेटी का रुख राजनीतिक रूप से प्रेरित लग रहा है।
ट्रंप पर साधा निशाना
सुनवाई के दौरान हिलेरी ने आरोप लगाया कि इस जांच का उपयोग पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एपस्टीन के बीच कथित संबंधों से ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और ट्रंप से सीधे उनके एपस्टीन के साथ संबंधों के बारे में सवाल किए जाने चाहिए।
हिलेरी क्लिंटन ने यह भी कहा कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए, लेकिन पीड़ितों की पहचान और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अटॉर्नी जनरल पैम बॉंडी का नाम लेते हुए कहा कि जरूरत पड़े तो उन्हें भी कमेटी के सामने गवाही देनी चाहिए।