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हूती विद्रोहियों की नई बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली: चीन से मिले पुर्जों का रहस्य

ईरान समर्थित हूती विद्रोही एक नई बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली के विकास में जुटे हैं, जिसमें चीन से प्राप्त विशेष पुर्जों का उपयोग किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रणाली सऊदी अरब और इजरायल को निशाना बनाने में सक्षम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि हूतियों की मिसाइल निर्माण क्षमता को पहले कम आंका गया था। इस नई प्रणाली की वास्तविक क्षमता और तैयार होने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है।
 

नई बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली का विकास


नई दिल्ली: ईरान के समर्थन से चल रहे हूती विद्रोही एक अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली के निर्माण में लगे हुए हैं। इस प्रक्रिया में चीन से प्राप्त कुछ विशेष पुर्जों का उपयोग किया जा रहा है, जैसा कि ब्रिटेन स्थित हथियार निगरानी संस्था कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च (CAR) की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस नई मिसाइल प्रणाली के विकास से हूतियों की सैन्य ताकत में वृद्धि हो सकती है, जिससे वे सऊदी अरब और इजरायल को भी निशाना बना सकेंगे।


ईरानी तकनीक पर आधारित मिसाइल

रिपोर्ट के अनुसार, हूतियों की नई मिसाइल प्रणाली ईरान की खैबर शिकन (Kheibar Shekan) बैलिस्टिक मिसाइल के डिज़ाइन पर आधारित हो सकती है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर है। इसमें ऐसी तकनीक शामिल है जो दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों को चकमा देने में सक्षम है।


हथियारों की निगरानी करने वाली संस्था के वरिष्ठ विश्लेषक फैबियन हिंज ने बताया कि हूतियों की स्थानीय स्तर पर मिसाइल निर्माण की क्षमता को पहले कम आंका गया था। उनके अनुसार, जो पुर्जे मिले हैं, वे बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनके निर्माण के लिए मिसाइल डिज़ाइन से संबंधित तकनीकी जानकारी की आवश्यकता होगी।


चीन से आए संदिग्ध पुर्जों की जानकारी

यह रिपोर्ट यमन के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। अधिकारियों ने जुलाई में दो खेपों को रोका था, जिनमें संदिग्ध उपकरण और सामग्री पाई गई थी। इन खेपों की शुरुआत चीन से हुई थी और इन्हें यमन के होदेइदाह बंदरगाह पर पहुंचाया जाना था, जिसे इजरायल ईरान से हथियारों की आपूर्ति का संभावित मार्ग मानता है।


जब्त की गई सामग्री में मिसाइल के महत्वपूर्ण हिस्से शामिल थे, जैसे स्थिरता बनाए रखने वाले फिन कोर, रॉकेट मोटर के पिछले हिस्से, नोजल से जुड़े उपकरण और इग्नाइटर। इसके अलावा, फेनोलिक रेजिन भी मिला, जिसका उपयोग मिसाइलों को अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए किया जाता है।


चीन की प्रतिक्रिया

चीन ने रिपोर्ट में किए गए दावों को न तो स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है और न ही खारिज किया है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने कहा कि चीन सैन्य उत्पादों के निर्यात में जिम्मेदारी बरतता है और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं पर सख्त नियंत्रण रखता है। रिपोर्ट के अनुसार, इन पुर्जों का एक साथ मिलना यह संकेत देता है कि हूती किसी विशेष प्रकार की ईरानी डिज़ाइन वाली मिसाइल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, नई मिसाइल प्रणाली की पूरी तरह से तैयार होने और उसकी वास्तविक क्षमता की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।