Newzfatafatlogo

कंपनी के नए कर्मचारी ने लैपटॉप लेकर किया गायब, जानें पूरी कहानी

एक अनोखी ठगी का मामला सामने आया है जहां एक कंपनी ने अपने नए कर्मचारी को जॉइनिंग से पहले लैपटॉप भेजा, लेकिन वह अचानक गायब हो गया। रिक्रूटर ने इस घटना को लिंक्डइन पर साझा किया, जिससे यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जानें इस चौंकाने वाली घटना के पीछे की पूरी कहानी और ठगी के नए तरीकों के बारे में।
 | 
कंपनी के नए कर्मचारी ने लैपटॉप लेकर किया गायब, जानें पूरी कहानी

नई दिल्ली में अनोखी ठगी का मामला


नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में ठगी के कई प्रकार के मामले सामने आते हैं, जैसे साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन स्कैम। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। एक कंपनी ने अपने नए कर्मचारी पर भरोसा करते हुए उसे जॉइनिंग से पहले एक लैपटॉप भेजा, लेकिन उम्मीदवार लैपटॉप मिलने के बाद अचानक गायब हो गया। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी जानकारी। 


मामले का विवरण

यह घटना तब उजागर हुई जब एक रिक्रूटर ने अपने अनुभव को लिंक्डइन पर साझा किया। उन्होंने बताया कि एक उम्मीदवार ने नौकरी के लिए आवेदन किया और इंटरव्यू के बाद उसे नौकरी का प्रस्ताव दिया गया, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। 


जॉइनिंग की तारीख नजदीक आने पर, कंपनी ने उम्मीदवार के पते पर एक महंगा मैकबुक भेजा। आमतौर पर कंपनियां कर्मचारियों को पहले से आवश्यक उपकरण प्रदान करती हैं ताकि वे पहले दिन से काम शुरू कर सकें, लेकिन इस बार यह कदम कंपनी के लिए समस्या बन गया।


लिंक्डइन प्रोफाइल का गायब होना

रिक्रूटर ने बताया कि जॉइनिंग के दिन उम्मीदवार ने कोई जवाब नहीं दिया। जब उन्होंने उसे फोन करने की कोशिश की, तो वह भी बंद था। इसके अलावा, उम्मीदवार की लिंक्डइन प्रोफाइल भी गायब हो गई थी। जब कंपनी की आईटी टीम ने लैपटॉप की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश की, तो पता चला कि जिस पते पर लैपटॉप भेजा गया था, वह एक खाली प्लॉट था। 


इसके बाद टीम ने कई स्तरों पर जांच की, लेकिन उम्मीदवार का कोई सुराग नहीं मिला। यह भी पता चला कि लैपटॉप को फैक्ट्री रीसेट कर दिया गया था और उसे ऐसे नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया।


लैपटॉप लौटाने की अपील

अंत में, थक-हारकर रिक्रूटर ने सोशल मीडिया पर एक मजेदार पोस्ट साझा करते हुए उस व्यक्ति से कम से कम लैपटॉप लौटाने की अपील की। यही कारण है कि यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और यूजर्स इसे ठगी का नया तरीका बता रहे हैं। कई लोगों ने सुझाव दिया कि कंपनियों को हायरिंग के समय दस्तावेजों की जांच अवश्य करनी चाहिए।