क्या आप जानते हैं कैट बा लंगूर की अनोखी कहानी? जानें इस दुर्लभ प्रजाति के बारे में
कैट बा लंगूर का दुर्लभ वीडियो वायरल
नई दिल्ली: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक अनोखा और दुर्लभ वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक काले रंग का लंगूर अपने गोद में दो नारंगी रंग के छोटे बच्चों के साथ खेलता हुआ दिखाई दे रहा है। इस दृश्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
यह वीडियो पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी सुशांत नंदा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया गया है, जिसमें उन्होंने इस दुर्लभ प्रजाति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी है।
दुनिया के सबसे संकटग्रस्त लंगूर
वीडियो में दिख रहे लंगूर 'कैट बा लंगूर' प्रजाति के हैं, जिन्हें दुनिया के सबसे दुर्लभ और संकटग्रस्त प्राइमेट्स में गिना जाता है। इनकी संख्या जंगलों में अब बहुत कम रह गई है, और अनुमानित रूप से इनकी कुल आबादी लगभग 70 के आसपास है, जिससे इनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।
यह प्रजाति मुख्य रूप से वियतनाम के हा लॉन्ग बे के निकट स्थित कैट बा द्वीप पर पाई जाती है, जो समुद्र, चट्टानों और गुफाओं से घिरा हुआ है। यहां ये लंगूर आसानी से चढ़ाई करते और उतरते देखे जा सकते हैं।
नारंगी से काले रंग में परिवर्तन
इन लंगूरों की एक विशेषता यह है कि उनके बच्चे जन्म के समय चमकीले नारंगी रंग के होते हैं, जो देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं। लेकिन जैसे-जैसे ये बड़े होते हैं, उनका रंग काला हो जाता है, जबकि सिर पर हल्के सुनहरे या सफेद बाल बने रहते हैं।
One of the rarest and most critically endangered primates in the world. With fewer than 70 remaining in the wild, the Cat Ba langur are born bright orange and then turn black.
— Susanta Nanda IFS (Retd) (@susantananda3) March 21, 2026
Found in Vietnam’s Ha Long Bay, they have the remarkable ability to drink salt water☺️ pic.twitter.com/PwMBubM1e7
खारे पानी का सेवन
कैट बा लंगूर की एक और अनोखी विशेषता यह है कि ये समुद्र का खारा पानी पी सकते हैं, जबकि अधिकांश जीवों के लिए यह हानिकारक होता है। दरअसल, जिस द्वीप पर ये रहते हैं, वहां मीठे पानी की कमी है, इसलिए ये समुद्र के पानी पर निर्भर रहते हैं।
ये लंगूर कभी अपनी पूंछ को पानी में डुबोकर उसे चूसते हैं, तो कभी सीधे मुंह से थोड़ा-थोड़ा पानी पीते हैं।
खानपान और स्वभाव
ये लंगूर मुख्य रूप से पत्तियां, फल और फूल खाते हैं और अधिकतर चट्टानी इलाकों में पाए जाते हैं। स्वभाव से ये काफी शर्मीले होते हैं, जिसके कारण इन्हें देख पाना आसान नहीं होता।
शिकार का खतरा
पहले इन लंगूरों का बड़े पैमाने पर शिकार किया जाता था। लोग गलत धारणाओं के चलते इन्हें दवाइयों के लिए मारते थे। हालांकि, अब सरकार और कई संगठन इनके संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि हाल के वर्षों में इनकी संख्या में थोड़ी वृद्धि देखी गई है।
