क्या है इस भावुक वीडियो की कहानी? 17 साल के अमन ने मां का कर्ज चुकाया
एक दिल छूने वाला वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसने लाखों लोगों के दिलों को छू लिया है। यह कहानी 17 वर्षीय अमन दुग्गल की है, जिसने अपनी मेहनत से अपनी मां पर चढ़े लगभग 10,000 पाउंड (करीब 12 लाख रुपये) का कर्ज चुकता किया। इस सरप्राइज को उसने कैमरे में कैद किया और इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया।
मां के सामने अमन का भावुक पल
वीडियो में अमन अपनी मां के सामने खड़ा है, थोड़ी घबराहट के साथ। वह अपनी मां से कहता है कि वह उनसे बहुत प्यार करता है और यह बात वह लंबे समय से कहना चाहता था। अमन अपनी मां को अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण महिला मानता है और उनके द्वारा किए गए सभी त्याग के लिए धन्यवाद देता है।
कर्ज चुकाने का वादा
कर्ज चुकाने का वादा सुनकर छलके आंसू
जब मां ने बेटे की बातें सुनीं, तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। वह भावुक होकर कहती हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह क्यों रो रही हैं। इसके बाद, अमन अपनी मां से आंखें खोलने के लिए कहता है और उनके हाथ में पैसे देते हुए बताता है कि यह रकम उनके कर्ज को चुकाने के लिए है।
भावुकता का एक और पल
इतना ही नहीं, अमन ने यह भी वादा किया कि वह हर महीने उनके सभी बिल खुद भरेगा। यह सुनकर मां खुद को संभाल नहीं पातीं और फूट-फूटकर रोने लगती हैं। वह अमन को गले लगाती हैं, और यह भावुक क्षण देखने वालों की आंखों में भी आंसू ला देता है।
अमन का भावुक कैप्शन
अमन का भावुक कैप्शन
वीडियो शेयर करते हुए अमन ने एक भावनात्मक कैप्शन लिखा, जिसमें उसने कहा कि उसकी मां ने हमेशा उसके लिए सब कुछ किया है। आज वह खुद को गर्वित महसूस कर रहा है कि वह उनकी देखभाल कर सकता है। अमन ने बताया कि उसने इस पल की कल्पना की थी और एक साल पहले काम शुरू करने के बाद आज यह सपना सच हो गया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। हजारों लोग अमन की सोच और मां के प्रति उसके सम्मान की सराहना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि उसने अपनी मां को छोटी उम्र में खो दिया था और वह भी ऐसा कुछ करने के लिए कुछ भी कर सकता था।
दूसरे यूजर ने इस पल को बेहद खूबसूरत बताते हुए अमन को बधाई दी। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि यह वही समय है जब एक बेटा उस इंसान की देखभाल करता है, जिसने उसे तब संभाला जब वह खुद कुछ नहीं कर सकता था।
