जापान के बंदर पंच की दिल छू लेने वाली कहानी: मां की कमी और नए दोस्त
मां और बच्चे का अनोखा रिश्ता
मां और बच्चे के बीच का बंधन ऐसा होता है, जिसे शब्दों में नहीं समझाया जा सकता। समय बीतता है, परिस्थितियाँ बदलती हैं, लेकिन मां की याद हमेशा दिल में बसी रहती है। यह भावना केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि जानवरों में भी उतनी ही गहरी होती है। हाल ही में, एक छोटे बंदर की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसने जन्म के साथ ही मां से दूर होने का दर्द सहा।
पंच का जन्म और संघर्ष
जापान के इचिकावा सिटी जू में 26 जुलाई 2025 को एक छोटे बंदर का जन्म हुआ। लेकिन जन्म के तुरंत बाद उसकी मां ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया और उससे दूर हो गई। यह पल उस नन्हे के लिए सबसे कठिन परीक्षा बन गया। मां की अनुपस्थिति के कारण उसकी देखभाल चिड़ियाघर के कर्मचारियों को करनी पड़ी।
More information about Punch, the baby monkey at Ichikawa Zoo in Japan.
— Volcaholic 🌋 (@volcaholic1) February 14, 2026
He was abandoned by his mother shortly after birth and has been hand‑raised by zookeepers.
They gave him a plush orangutan toy, which he carries everywhere, hugging it while he sleeps, using it for… pic.twitter.com/qn1fO7Wu1n
पंच की मां के पास जाने की कोशिश
मां के पास जाने पर हर बार ठुकराया
चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने पंच को भरपूर प्यार दिया। उसे समय पर दूध दिया गया और उसकी सेहत का ध्यान रखा गया। उसका नाम पंच रखा गया। जैसे-जैसे वह बड़ा हुआ, उसने अपनी मां और अन्य बंदरों के करीब जाने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे झुंड से दूर कर दिया गया।
WATCH - Heart wrenching scene: Little Punch was bullied again by a bigger monkey, who dragged her harshly across the ground. She cried and ran back to clutch her adoptive mother doll for comfort pic.twitter.com/ZWI56eCgnk
— Insider Paper (@TheInsiderPaper) February 19, 2026
पंच का अकेलापन और खिलौना
यह अनुभव पंच के लिए डर और असुरक्षा से भरा था। वह सहम कर वापस लौट आता और अपने एक मुलायम खिलौने को गले लगा लेता। यह खिलौना उसके लिए मां का विकल्प बन गया। चिड़ियाघर ने पंच के कई वीडियो साझा किए, जिनमें वह अकेले बैठकर अपने सॉफ्ट टॉय से लिपटा नजर आता है। इन दृश्यों ने लोगों के दिलों को छू लिया और सोशल मीडिया पर यह कहानी तेजी से फैल गई।
लोगों की भावनाओं से जुड़ी कहानी
लोगों की भावनाओं से जुड़ी कहानी
कई लोगों ने पंच में अपना बचपन और अकेलापन देखा। कुछ ने उसे गोद लेने की इच्छा जताई, तो कुछ ने उसके लिए दुआएं कीं। इंटरनेट पर उसकी तस्वीरें और वीडियो लगातार साझा किए जाने लगे। यह कहानी केवल एक बंदर की नहीं रही, बल्कि मां के प्यार और अपनापन की आवश्यकता का प्रतीक बन गई। पंच ने लोगों को यह एहसास दिलाया कि स्नेह और साथ हर जीव के लिए आवश्यक है।
पंच अब अकेला नहीं है
अब अकेला नहीं है पंच
हालांकि इस भावुक कहानी का अंत उम्मीद से भरा है। चिड़ियाघर के कर्मचारियों की कोशिशों का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। अब पंच अन्य बंदरों के साथ समय बिताने लगा है। दूसरे बंदर भी उसे अपने समूह में शामिल करने लगे हैं और उसके साथ खेलते हैं।
